भूमि आवंटन न होने से बैरागी अखाड़ों के संतों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि 27 फरवरी को बैरागी संतों के खालसे कुंभनगरी पहुंचने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार भूमि आवंटित करे, अखाड़े अपनी व्यवस्थाएं स्वयं करेंगे। यदि शिविर नहीं लगने हैं तो वे टिन की चहारदीवारी में छाता तान कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन न होने से बैरागी संतों में आक्रोश पनप रहा है। ऐसे में खालसों के आगमन पर व्यवस्थाएं बिगड़ भी सकती हैं।
बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े में तीनों बैरागी अखाड़ों के संतों ने प्रेस वार्ता की। अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अणि अखाड़ा के मेला प्रभारी बाबा हठयोगी ने कहा प्रयाराज में माघ मेला समापन की ओर है। लेकिन हरिद्वार में बैरागी अखाड़ों के संतों के ठहरने के लिए छावनियां तैयार नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा जब 27 फरवरी को बैरागी खालसे कुंभनगरी पहुंचेंगे तो उनको ठहरने की व्यवस्था कहां की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार जल्द से जल्द भूमि का आवंटन शुरू करेें। उन्होंने कहा कि शिविर लगाने की मनाही है तो चिह्नित क्षेत्र की टिन से चहारदीवारी की जाए। बैरागी संत टिन के बीच छाता तानकर खुले आसमान के नीचे रहेंगे। बाबा हठयोगी ने कहा कि बैरागी खालसों को अगर शिविर नजर नहीं आएंगे तो उनको संभालना मुश्किल होगा। ऐस में अगर व्यवस्था बिगड़ती है तो सरकार और मेला प्रशासन की मुसीबत बढ़ सकती है।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य ने कहा है कि भूमि आवंटन और सुविधाएं न मिलने से वैष्णव संतों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल बैरागी अखाड़ों की उपेक्षा क्यों की जा रही है। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़ा के सचिव महंत रामशरण दास ने कहा कि बैरागी कैंप स्थित रामानंदाचार्य गेट का भी जीर्णोद्धार मेला प्रशासन ने नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और मेला प्रशासन ने जल्द भूमि का आवंटन नहीं किया तो बैरागी अखाड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। उन्होंने इससे यदि कुंभ के दौरान प्रदेश की छवि बिगड़ती है तो सरकार और मेला प्रशासन इसके जिम्मेदार होंगे। श्रीपंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन अखाड़ा के कुंभ मेला प्रभारी मुखिया महंत दुर्गादास, महंत विष्णु दास, महंत प्रह्लाद दास, महंत नारायण दास, पटवारी महंत प्रमोद दास, महंत अगस्त दास, महंत सिंटू दास, महंत अमित दास, महंत रामदास, महंत लोकेशदास, महंत सूरजदास, महंत अवध बिहारी दास आदि मौजूद रहे।