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कुंभ मेला 2021: कुंभ में पाबंदी के विरोध में आंदोलन का ऐलान, एसओपी वापस लेने की मांग 

Fri, 19 Feb 2021 09:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • संयुक्त मोर्चा 21 से 23 फरवरी तक करेगा धरना प्रदर्शन
  • कुंभ के लिए जारी कोरोना एसओपी को वापस लेने की मांग 
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विस्तार
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कुंभ की अवधि घटाने और मेले में कोविड मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के विरोध में व्यापारी संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि 21 को सुभाष घाट, 22 को रेलवे स्टेशन धरना देकर और 23 फरवरी को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर विरोध जताएंगे।

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संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को कई व्यापारिक संगठनों ने सरकार की नीतियों का विरोध किया। प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार एक अप्रैल से 28 अप्रैल तक कुंभ मेला कराने जा रही है। संयुक्त मोर्चा राज्य सरकार की एसओपी का पुरजोर विरोध करता है। एसओपी को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में माघ मेले में करोड़ों की भीड़ उमड़ रही है। मथुरा में भी मेला चल रहा है। पश्चिमी बंगाल में चुनाव होने वाले हैं। इन जगहों पर कोई भी एसओपी नहीं है। संजीव चौधरी ने कहा कि यूपी की तरह उत्तराखंड में भी भाजपा की सरकार है, लेकिन उत्तराखंड में अलग नियम थोपे जा रहे हैं।

लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि कुंभ मेले के लिए सरकार विशेष लोगों का ध्यान रख रही है। स्थानीय लोगों की अनदेखी कर रही है। कोरोना से पहले ही व्यापार पूरी तरह से ठप है। चारधाम यात्रा भी ठप रही है। उन्होंने सरकार से संयुक्त कमेटी बनाने की मांग है। इस दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव, प्रदीप चौधरी, विशाल मूर्ति भट्ट, सुनील अरोड़ा, दीपक गुनियाल आदि मौजूद रहे।

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कुंभ अवधि घटाने के विरोध में व्यापारी

वहीं, कुंभ की अवधि घटाए जाने पर व्यापारियों ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। शुक्रवार को व्यापार मंडलों की संयुक्त बैठक में व्यापारियों ने सरकार की नीतियों पर पुरजोर विरोध किया। कहा कि सरकार की नीतियों से व्यापार चौपट हो जाएगा। व्यापारी पलायन और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। व्यापारी बाजारों को बंद कर सरकार के फैसले का विरोध जताएंगे।

महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि व्यापारी बर्बादी की कगार पर खड़ा है। सरकार उसे राहत देने की बजाय कुंभ की अवधि घटा रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी है। प्रांतीय व्यापार मंडल के महामंत्री संजय त्रिवाल ने कहा कि व्यापार ठप है। छोटा-बड़ा व्यापारी सरकार की नीतियों से त्रस्त है। प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवकुमार कश्यप ने कहा कि सरकार की मंशा कुंभ करवाना ही नहीं है तो करोड़ों रुपये की बर्बादी क्यों की जा रही है। अभी भी अस्थायी कार्य जारी हैं। आम जनता के पैसों को कुंभ के नाम पर बहाया जा रहा है। 

व्यापारियों ने कहा कि कोरोना का डर सिर्फ हरिद्वार में ही क्यों दिखाया जा रहा है। राजनीतिक रैलियों हो रही हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया और जिला महामंत्री तेज प्रकाश साहू ने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए कुंभ को सीमित कर श्रद्धालुओं के आवागमन को रोकना चाहती है। क्योंकि अभी तक भूमिगत विद्युत लाइन के कार्य और हरकी पैड़ी पर होने वाले कार्य पूरे नहीं हो सके हैं।

सरकार की अपनी अव्यवस्थाओं की पोल खुलने का डर सता रहा है। बैठक में सतीश चंद शर्मा, हरीश चौहान, विकास तंत्रीवाल, गगन गुगनानी, अमन कुमार, विशाल माहेश्वरी, संजीव सक्सेना, गोपाल गोस्वामी, सूरज कुमार, सुनील कुमार, आनंद कुमार, रामावतार चौहान, मुकेश अग्रवाल, उमेश चौधरी, राजेश भाटिया, दिनेश कुकरेजा, हन्नी दामिर, राजेश सुखीजा और सुनील मनोचा मौजूद रहे।
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