वहीं, कुंभ की अवधि घटाए जाने पर व्यापारियों ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। शुक्रवार को व्यापार मंडलों की संयुक्त बैठक में व्यापारियों ने सरकार की नीतियों पर पुरजोर विरोध किया। कहा कि सरकार की नीतियों से व्यापार चौपट हो जाएगा। व्यापारी पलायन और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। व्यापारी बाजारों को बंद कर सरकार के फैसले का विरोध जताएंगे।
महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि व्यापारी बर्बादी की कगार पर खड़ा है। सरकार उसे राहत देने की बजाय कुंभ की अवधि घटा रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी है। प्रांतीय व्यापार मंडल के महामंत्री संजय त्रिवाल ने कहा कि व्यापार ठप है। छोटा-बड़ा व्यापारी सरकार की नीतियों से त्रस्त है। प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवकुमार कश्यप ने कहा कि सरकार की मंशा कुंभ करवाना ही नहीं है तो करोड़ों रुपये की बर्बादी क्यों की जा रही है। अभी भी अस्थायी कार्य जारी हैं। आम जनता के पैसों को कुंभ के नाम पर बहाया जा रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि कोरोना का डर सिर्फ हरिद्वार में ही क्यों दिखाया जा रहा है। राजनीतिक रैलियों हो रही हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया और जिला महामंत्री तेज प्रकाश साहू ने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए कुंभ को सीमित कर श्रद्धालुओं के आवागमन को रोकना चाहती है। क्योंकि अभी तक भूमिगत विद्युत लाइन के कार्य और हरकी पैड़ी पर होने वाले कार्य पूरे नहीं हो सके हैं।
सरकार की अपनी अव्यवस्थाओं की पोल खुलने का डर सता रहा है। बैठक में सतीश चंद शर्मा, हरीश चौहान, विकास तंत्रीवाल, गगन गुगनानी, अमन कुमार, विशाल माहेश्वरी, संजीव सक्सेना, गोपाल गोस्वामी, सूरज कुमार, सुनील कुमार, आनंद कुमार, रामावतार चौहान, मुकेश अग्रवाल, उमेश चौधरी, राजेश भाटिया, दिनेश कुकरेजा, हन्नी दामिर, राजेश सुखीजा और सुनील मनोचा मौजूद रहे।