उन्होंने कहा कि संत सरकार के निर्णय को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार ने अवधि कम करने और शाही स्नान घटाने पर संतों और परिषद से कोई राय नहीं ली है। इस अवसर पर श्रीमहंत रविंद्रपुरी, श्रीमहंत रामरतन गिरि, श्रीमहंत ओमकार गिरि, महंत राधे गिरि, महंत रामजी दास, महंत मोहन दास, महंत सुखदेव दास आदि संत मौजूद रहे।
कुंभ मेला प्रशासन ने बैरागी अखाड़ों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। कुंभ भव्य और दिव्य होना चाहिए। इसके लिए ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष से मुलाकात की। सरकार से मांग की जाएगी कि प्रयागराज और वृंदावन की तर्ज पर ही कुंभ मेला कराया जाए।
- श्रीमहंत राजेंद्र दास, पंच निर्मोही अखाड़ा
16 मार्च को वृंदावन से लाखों की संख्या में वैष्णव अखाड़ों के खालसे हरिद्वार आएंगे। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले संतों के लिए मेला प्रशासन की ओर से अब तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिससे भारी अव्यवस्थाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
- श्रीमहंत राजेंद्रदास, अध्यक्ष अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़ा
मेला प्रशासन को भूमि आवंटित कर बैरागी संतों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, कथा प्रवचन की अनुमति भी सरकार को देनी चाहिए। सुविधाएं उपलब्ध नहीं मिलने पर वैष्णव संत उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- श्रीमहंत धर्मदास, अध्यक्ष श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़ा