तीर्थ नगरी हरिद्वार में कुंभ मेला के लिए उत्तर प्रदेश से सौ डॉक्टर और 148 पैरामेडिकल स्टाफ मिलेंगे। 15 मार्च से पहले यूपी के डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की टीम हरिद्वार पहुंच जाएगी। वहीं, कुंभ से पहले मेेला ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों का शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जाएगा। वैक्सीन लगवाने में बहाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों को हरिद्वार क्षेत्र से तबादला कर दूसरे क्षेत्रों में बाहर भेजा जाएगा।
बृहस्पतिवार को सचिवालय में मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में कोविड टीकाकरण की स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें प्रदेश में चल रहे टीकाकरण की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी हरिद्वार को सख्त निर्देश दिए कि कुंभ ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जाए। गर्भवती, शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिला समेत गंभीर बीमारी के मामलों को छोड़कर वैक्सीन लगवाने के लिए बहाने बनाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि पूरे देश से कुंभ में लोग आएंगे। उनकी जिंदगी के साथ किसी सभी प्रकार का रिस्क नहीं लिया जा सकता। जो कर्मचारी हरिद्वार के रहने वाले हैं और उनकी ड्यूटी कुंभ में लगी है, लेकिन वैक्सीन लगवाने से कई तरह के बहाने बना रहे हैं तो ऐसे कर्मचारियों को हरिद्वार क्षेत्र से हटाकर दूसरे क्षेत्रों में भेजा जाए। वहीं, प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों के रहने वाले जिन कर्मचारियों की ड्यूटी मेले में लगी और वैक्सीन नहीं लगा रहे हैं तो ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले पुलिस और पैरामिलिट्री कार्मिकों को तत्काल वैक्सीन लगाई जाए। 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश से भी 100 डॉक्टर एवं 148 पैरामेडिकल स्टाफ पहुंच जाएगा। उनके रहने की व्यवस्था भी अस्पतालों के आसपास सुनिश्चित की जाए। दुधाधारी आश्रम में बनाए जाने वाले अस्पताल को 15 मार्च तक चालू किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून में प्राइवेट सेक्टर के स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने में गति लाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव पंकज कुमार पांडेय, महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, एनएचएम की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कुंभ के लिए दो हजार वैक्सीन मांगी
स्वास्थ्य विभाग में कुंभ मेला ड्यूटी के लिए बाहर से आने वाले कर्मचारियों को देखते हुए कोविशील्ड के अलावा दो हजार अन्य वैक्सीन मांगी हैं। यदि दूसरे राज्य के किसी कर्मचारी ने कोविशील्ड के अलावा अन्य वैक्सीन की पहली डोल लगवाई है तो उस कर्मचारी को उसी वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी।