तीरथ ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने अधिकारियों की बैठक ली। उन्हें निर्देश दिए कि हेलीकॉप्टर से फूल वर्षा होनी चाहिए। मैं स्वयं गया। मैं हेलीकॉप्टर से नहीं गया। मैं सड़क से गया। वहां मुझे भी साधु-संतों का स्वागत करने का मौका मिला। साधु-संत और व्यापारी बहुत खुश हैं। लाखों की संख्या में लोग आएंगे तो उनका कारोबार भी चलेगा। सरकार जनता को खुश करने के लिए है, दुखी करने के लिए नहीं।
गैरसैंण मंडल और देवस्थानम बोर्ड के फैसले पर होगा विचार
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत त्रिवेंद्र सरकार के दो विवादित फैसले गैरसैंण मंडल और उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड के गठन पर विचार करेगी। गैरसैंण मंडल पर पार्टी के ही विधायकों की नाराजगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप, तुम या कोई भी हो, मैं उस ओर नहीं जाता हूं। जनता क्या चाहती है, मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है। मैं जनता की आवाज सुनकर निर्णय लूंगा। देवस्थानम बोर्ड के बारे में वह बात करेंगे। आने वाले दिनों वह पंडा और पुरोहित समाज के लोगों को बुलाएंगे और उनकी भावनाओं जानेंगे। उनसे दूरी न बनाते हुए उनको सुनना जरूरी है। उसके बाद निर्णय लूंगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास प्राधिकरणों की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास प्राधिकरणों की कोई जरूरत नहीं है। शहरों में विकास मास्टर प्लान के आधार पर होना चाहिए। इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में जिला विकास प्राधिकरणों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
विधायक दिल्ली जाते हैं तो क्या बुरा करते हैं
विधायकों की दिल्ली दौड़ और उनकी नाराजगी के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जाना बुरा कैसे है। बहुत सी योजनाएं हैं, जिनके लिए विधायक दिल्ली में सांसदों व अन्य नेताओं से मिलते हैं। ऐसा करके वे क्या बुरा करते हैं। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है।
तुमने कहा ये बनेगा...वो बनेगा...और मैं बन गया
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मीडिया फेल हो गया। उन्होंने तंज किया कि तुमने कहा कि ये बनेगा, वो बनेगा... जिसका कहीं नाम नहीं था, वो बन गया। तुम सब फेल हो गए।
सीएम ने निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के साथ ही सड़कों पर पड़ी निर्माण सामग्री को तुरंत हटाया जाए। कुंभ मेला क्षेत्र को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए सफाई निरीक्षकों और कार्मिकों की तैनाती की जाए। मेले में आने वाले शंकराचार्यों व अखाड़ों को भूमि उपलब्ध कराने के साथ उन क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेले के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं का प्रस्ताव दो दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराने को कहा है।
बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन, आरके सुधांशु, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, सौजन्या, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, सूचना महानिदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के अलावा वीडियो कांफ्रेंसिंग से हरिद्वार, देहरादून, टिहरी व पौड़ी जिला के डीएम जुड़े थे।
661 करोड़ से किए जा रहे 203 कार्य
मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए 661 करोड़ के 203 निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इनमें अधिकतर स्थायी कार्य पूरे हो चुके। जबकि अस्थायी निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कुंभ के कार्यों की जानकारी दी। जबकि आईजी मेला संजय गुंज्याल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया।
11 मार्च को महाशविरात्रि स्नान पर्व पर किरकिरी होने के बाद अब 12 अप्रैल के शाही स्नान पर्व पर कुंभ और जिला पुलिस व्यवस्थाओं में सुधार करेगी। हरिद्वार पहुंचे डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि कुछ जगहों पर तैनात पुलिसबल ने ठीक से ड्यूटी नहीं की।
शनिवार को मेला नियंत्रण कक्ष सभागार में पुलिस अधिकारियों की डी ब्रीफिंग में पहुंचे पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि के दौरान ओवरऑल व्यवस्थाएं अच्छी रही। उन्होंने महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर ड्यूटी करने वाले जोनल, सेक्टर और थाना प्रभारियों से अनुभव पूछे।
जोन, सेक्टर, थाना, शाखा, सेंट्रल पैरामिलट्री फोर्स के प्रभारियों से सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि आगामी शाही स्नानों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि मेला पुलिस व्यवस्था से संबंधित जो भी ब्रीफिंग, आदेश, निर्देश उच्च अधिकारियों की ओर से दिए जाते हैं वह फील्ड में तैनात अंतिम पंक्ति के जवान तक अच्छे से पहुंचाए जाएं।
उन्होंने कहा कि नौ से 15 अप्रैल तक काफी भीड़ होगी। इसमें खास ध्यान रखने की जरूरत होगी। इस दौरान आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल, डीआईजी नीरू गर्ग, एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस आदि अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी ने कहा कि गौरीशंकर, दूधियाबंध, सप्तऋषि, शांतिकुंज सहित सभी पार्किंगों में आगामी शाही स्नानों से पहले प्रत्येक दशा में आवश्यक व्यवस्थाओं को मेला प्रशासन के माध्यम से ठीक कराया जाए। उन्होंने बड़े जोन और सेक्टरों को विभाजित कर छोटे बनाने के निर्देश दिए।
वायरलेस सेट लें सभी प्रभारी
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि शाही स्नान के दौरान आने वाली ज्यादा भीड़ के कारण मेला क्षेत्र में लगे मोबाइल के टावर ओवरलोड हो जाएंगे। मोबाइल के माध्यम से आपस में संपर्क करने में मुश्किल आएंगी। इसलिए सभी जोनल, सेक्टर और शाखा प्रभारी अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार वायरलेस सेट प्राप्त कर लें।
डायवर्जन में लगेगी अधिक फोर्स
डीजीपी ने आगामी शाही स्नान पर्वों पर डायवर्जन में अधिक फोर्स लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ऋषिकुल को अलग सेक्टर बनाने और आवश्यकता अनुसार ऋषिकुल में उपलब्ध स्थान का सदुपयोग करने, रोड़ी बेलवाला सेक्टर में एक इंस्पेक्टर और देने और हरिद्वार में पूर्व में तैनात रहे ट्रैफिक इंस्पेक्टर की कुंभ में ड्यूटी लगाने को कहा।
पैदल यातायात और घाट व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी के आसपास जितने भी होल्डअप (चक्रव्यूह) हैं उन सभी का अलग से जोन बनाया जाए।
होल्डअप एरिया में पुलिस बल की संख्या बढ़ाते हुए घुड़सवार पुलिस भी लगाई जाए। डीजीपी ने लावारिस पशुओं को हरहाल में मेला क्षेत्र से हटाने के निर्देश दिए।
नमामि गंगे घाटों पर बढ़ेगा जलस्तर
महाशिवरात्रि स्नान पर्व के दौरान नमामि गंगे के घाटों पर जलस्तर कम था। जिससे स्नान करने वालों को दिक्कत हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले स्नानों के दौरान पर्याप्त जल स्तर बना रहे, इसके लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें।