हरिद्वार कुंभ मेले के आबादी क्षेत्र से हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग आब वाइल्ड इफेक्ट स्प्रे का सहारा लेगा। इस स्प्रे की गंध से हाथी भाग जाते हैं। वन विभाग की गश्त टीम को स्प्रे उपलब्ध करा दिए गए हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व का बहुत बड़ा हिस्सा कुंभ मेला क्षेत्र में है। इससे हाथियों का मूवमेंट आबादी की तरफ बना रहता है। कभी सोलर फेंसिंग तोड़कर तो कभी गश्त टीम को गच्चा देखकर हाथी आबादी क्षेत्र में घुस जाते हैं। पिछले दिनों ही हरकी पैड़ी क्षेत्र की तरफ रात में एक हाथी पहुंच गया था।
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हालांकि वन व पुलिस टीम ने हाथी को वापस जंगल में खदेड़ दिया था। अब वन विभाग ने लगभग एक लाख बीस हजार रुपये के बजट से 60 वाइल्ड इफेक्ट स्प्रे मंगाए हैं। ये स्प्रे कुंभ मेला क्षेत्र में गश्त पर रहने वाली टीमों को दिए गए हैं।
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10 से 15 मीटर दूर तक रहता है असर
वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. अमित ध्यानी ने बताया कि वाइल्ड इफेक्ट स्प्रे का प्रयोग तभी किया जाता है, जब हाथी कर्मचारियों को आबादी क्षेत्र में आता दिखे या फिर वह आबादी क्षेत्र में आ जाए। हाथी से 10 से 15 मीटर की परिधि में स्प्रे करना होता है। स्प्रे की गंध से हाथी वापस लौट जाएगा। स्प्रे का असर करीब आधा घंटा रहता है।
कुंभ में आने वाले लाखों साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहली बार वाइल्ड इफेक्ट स्प्रे का प्रयोग किया जाएगा। इससे हाथियों को रोकने रात में लगे कर्मचारी सुरक्षित रह सकेंगे। अगर कभी हाथी कुंभ मेला क्षेत्र में आ भी जाता है तो उसे स्प्रे करके वापस खदेड़ने में काफी मदद मिलेगी।
-नीरज शर्मा, डीएफओ, हरिद्वार