महाकुंभ शुरू होने के पहले दिन गोवर्धनपुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने विधि विधान से गंगा पूजन किया। गंगा पूजन में तीनों अणी अखाड़ों के श्रीमहंत और सैकड़ों संत मौजूद रहे। शंकराचार्य ने कुंभ के सकुशल आयोजन की प्रार्थना की।
शंकराचार्य ने निर्वाणी अणी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास, निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास और दिगंबर अणी अखाड़े के श्रीमहंत किशन दास एवं सैकड़ों साधु-संतों एवं महामंडलेश्वरों के साथ कनखल में गंगा मां की विधि विधान से पूजा अर्चना की।
विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराया। शंकराचार्य देवतीर्थ ने कहा कि कोरोनाकाल में उत्तराखंड सरकार और साधु संतों के प्रयास से कुंभ आयोजन सराहनीय कार्य है। जगद्गुरु ने कहा कि मां गंगा त्रिपथ गामिनी हैं।
कुंभ की आधार हैं। कुंभ आयोजन के प्रथम दिन उनकी पूजा से प्राप्त फल अवश्यमेव कल्याणकारी होगा। इस दौरान सांवरिया बाबा, महंत रामशरण दास, महंत मोहनदास, महंत गौरीशंकर दास, निर्वाणी अणी अखाड़े के सचिव महंत रामदास मौजूद रहे।