मामले की जांच होने पर दाखिल खारिज को 2014 और 2015 में निरस्त कर दिया गया। मगर आरोपियों ने फिर से 2022 में फर्जी ढंग से जमीन की दाखिल खारिज अपने नाम करा ली। मामले से एसडीएम और डीएम से कार्रवाई की मांग की गई, पर, चार साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता सुनीता ने गढ़वाल मंडल आयुक्त को शिकायत की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वाल मंडल आयुक्त के निर्देश पर गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) उत्तम सिंह चौहान ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को पूरे प्रकरण में जांच 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। अपर आयुक्त ने कहा है कि जांच रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि जमीन घोटाला हुआ या नहीं। कहा कि जांच रिपोर्ट समय से उपलब्ध करा दी जाए ताकि समन्वय समिति की बैठक में फैसला लिया जा सके।