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कुंभ 2021ः जूना अखाड़े में शुरू हुई पहले शाही स्नान की तैयारी, तालमेल के लिए होगी अखाड़ों की बैठक

Sat, 06 Mar 2021 07:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार में महाकुंभ के दौरान संत - फोटो : अमर उजाला
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श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े में 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर होने वाले पहले शाही स्नान की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेला अधिकारी दीपक रावत ने शनिवार को जूना, पंच अग्नि और आह्वान अखाड़े की छावनियों का निरीक्षण किया। उन्होंने संतों के साथ चर्चा करने के बाद अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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हरिद्वार महाकुंभ के तहत कुंभनगरी में पेशवाइओं का दौर शुरू हो चुका है। श्री पंचदशनाम जूना और पंचायती अखाड़ा श्री निंरजनी समेत सहयोगी अखाड़ों की पेशवाई निकल चुकी है। अब इन अखाड़ों में पहले शाही स्नान की तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को मेला अधिकारी दीपक रावत और अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह जूना अखाड़ा पहुंचे।
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उन्होंने अखाड़े की चारों मणियों की छावनी का निरीक्षण किया। साथ ही अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि, सचिव श्रीमहंत मोहन भारती, श्रीमहंत महेश पुरी से कार्य प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने श्री पंच अग्नि और आह्वान अखाड़े की छावनियों का भी दौरा किया।

मेला अधिकारी ने अग्नि अखाड़े के राष्ट्रीय सभापति ब्रह्मचारी मुक्तानंद बापू, सचिव श्रीमहंत संपूर्णानंद ब्रह्मचारी और आह्वान अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्या गिरि से चर्चा की। संतों ने छावनियों में तत्काल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। मेला अधिकारी ने अधिकारियों को छावनियों में समतलीकरण, सफाई, शौचालय और बिजली व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सात अखाड़े करेंगे पहला शाही स्नान

श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री शंभु पंच अग्नि अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा, पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा, श्री तपोनिधि आनंद अखाड़ा, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री शंभु पंचायती अटल अखाड़ा 11 मार्च को पहला शाही स्नान करेंगे। इनमें भी सबसे पहले जूना और उसके तीनों सहयोगी (अग्नि, आह्वान और किन्नर) अखाड़े गंगा स्नान करेंगे।

मेला प्रशासन महाशिवरात्रि पर 11 मार्च के पहले शाही स्नान के लिए पूरी तरह से तैयार है। शाही स्नान से पूर्व अखाड़ों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। उदासीन, निर्मल और बैरागी अखाड़ों की पेशवाई अप्रैल में छावनियों में प्रवेश करेगी। इससे पहले की छावनी तैयार कर दी जाएगी। 
- दीपक रावत, मेला अधिकारी, कुंभ 

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शाही स्नान में आपसी तालमेल के लिए होगी अखाड़ों की बैठक 

शाही स्नान के दौरान अखाड़ों के आपसी तालमेल को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एक बैठक करेगा। अभी बैठक की तिथि निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन 11 मार्च के महाशिवरात्रि पर्व पर होने वाले शाही स्नान से पहले बैठक होनी तय हुई है। बैठक में दिव्य और भव्य कुंभ के कुंभ के आयोजन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के सरलीकरण भी चर्चा की जाएगी।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि महाशिवरात्रि पर सातों संन्यासी अखाड़ों का शाही स्नान परंपरागत और भव्य रूप में होगा। उन्होंने कहा कि स्नान की रूपरेखा अखाड़ों की बैठक तय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शाही स्नान में अखाड़ों के आपसी तालमेल को लेकर एक बैठक और बुलाई जानी है। 

श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि संन्यासी अखाड़े अपर रोड से होते हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए पहुंचेंगे। स्नान के बाद इसी रास्ते संत वापस अखाड़ों में प्रवेश करेंगे। उन्होंने बताया महाशिवरात्रि पर पहले अखाड़े के रूप में श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा और सहयोगी अखाड़े स्नान करेंगे। इसके बाद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और अन्य अखाड़े स्नान करेंगे।

उन्होंने बताया कि 12, 14 और 27 अप्रैल को होने वाले अन्य शाही स्नानों में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी सबसे पहले स्नान करेगा। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व पर अधिकतर संत अपने मठ मंदिरों में मौजूद रहते हैं। इसलिए स्नान में संतों की संख्या कम रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और कानूनी बाधाओं के चलते कुंभ की तैयारियों में कमी आई है।

इसके बावजूद अखाड़े पारंपरिक रूप में ही कुंभ मेले का स्नान करेंगे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण कम हो रहा है। वृहद स्तर पर कोरोना टीकाकरण का कार्य भी चल रहा है। उन्होंने महामंडलेश्वरों की एसओपी को सरल करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा संतों की मांग को देखते हुए सरकार को एसओपी का सरलीकरण करना चाहिए।
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