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Kumbh mela 2021: धर्मध्वजा स्थापना और नगर पेशवाई की तिथियां घोषित, इस दिन होगा आयोजन  

Mon, 15 Feb 2021 05:43 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • संतों की बैठक में लिया गया निर्णय, तीन मार्च को तीनों अखाड़ों की धर्मध्वजा होगी स्थापित
  • जूना-अग्नि की चार और आह्वान की पांच मार्च को निकलेगी पेशवाई
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हरिद्वार कुम्भ मेला 2021 - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़ों की धर्मध्वजा स्थापना और नगर पेशवाई की तिथियां घोषित हो गई हैं। तीनों अखाड़ों के संतों एवं पदाधिकारियों की सामूहिक बैठक के बाद जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि चार मार्च को सुबह 11 बजे जूना अखाड़े एवं अग्नि अखाड़े की पेशवाई जुलूस निकलेगा, जबकि पांच मार्च को आह्वान अखाड़े की पेशवाई निकाली जाएगी। 

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तीनों अखाड़ों के संतों एवं पदाधिकारियों की जूना अखाडे़ में श्रीमहंत हरि गिरि की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें संतों एवं पदाधिकारियों के विचार-विमर्श के बाद धर्मध्वजा स्थापना और नगर पेशवाई की तिथियों की घोषणा की गई। संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि तीन मार्च को जूना अखाड़ा परिसर में तीनों अखाड़ों जूना, आह्वान और अग्नि अखाड़ों की दत्तात्रेय चरणपादुका के निकट सायं चार बजे धर्मध्वजा स्थापित की जाएगी।

चार मार्च को सुबह 11 बजे जूना अखाड़े एवं अग्नि अखाडे़ की पेशवाई जुलूस नजीबावाद हरिद्वार रोड पर स्थित कांगड़ी ग्राम में श्री प्रेमगिरि आश्रम से शुरू होगा, जो निर्धारित पेशवाई मार्ग से जूना अखाड़े की छावनी में प्रवेश करेगा। पांच मार्च को आह्वान अखाड़े की पेशवाई होगी और श्रीमहंत प्रेमगिरि आश्रम कांगड़ी से पूर्व निर्धारित मार्ग से होकर जूना अखाड़े की छावनी में पहुंचेगा।
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बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्य गिरि, मंत्री श्रीमहंत राजेश गिरि, श्रीमहंत राजेंद्र भारती, अग्नि अखाडे़ के ब्रह्मचारी साधनानंद, जूना अखाडे़ के सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि, उपाध्यक्ष श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती, सचिव श्रीमहंत मोहन भारती, श्रीमहंत महेश पुरी, श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि, श्रीमहंत पृथ्वी गिरि, श्रीमहंत पूरण गिरि, नीलकंठ गिरि आदि संत शामिल रहे। 

संतों की बैठक के बाद लगेगी अंतिम मुहर
धर्मध्वजा स्थापित और पेशवाई निकाले जाने की तिथि घोषित होने के बाद तीनों अखाड़ों के संतों ने अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह के साथ पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया। पेशवाई मार्ग ग्राम कांगड़ी से शुरू होकर चंडी चौक दु:खहरण हनुमान मंदिर बिरला घाट, वाल्मीकि चौक, ललतौरो पुल, दत्तात्रेय चौक होकर श्रीआनंद भैरव घाट सेवा सदन मार्ग से जूना अखाड़े की छावनी तक निर्धारित होगा।

श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया पेशवाई मार्ग के लिए पुराने मार्ग का विकल्प भी सुरक्षित रखा जाएगा। नए पेशवाई मार्ग को लेकर संतों की मेला प्रशासन के साथ बैठक भी होगी। उसके बाद ही आखिरी निर्णय लिया जाएगा। श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि मुगल शासनकाल से ही पांडेवाला ज्वालापुर से अखाड़ों की पेशवाई निकाली जाती रही है। यह व्यवस्था औरंगजेब के शासनकाल में शुरू हुई थी। 

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