महाशिवरात्रि और शाही स्नान पर बाहर से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नारसन बॉर्डर पर उमड़ी पड़ी। पुलिस ने वाहनों की सघन चेकिंग की। इस दौरान पुलिस ने रजिस्ट्रेशन न होने पर कई वाहन चालकों को वापस लौटा दिया। साथ ही 472 रजिस्ट्रेशन और तीन हजार श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की। वहीं, जिलाधिकारी और एसएसपी ने बॉर्डर पर पहुंचकर व्यवस्था को जायजा लिया। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन कराए किसी को भी एंट्री नहीं होने देने के निर्देश दिए।
महाशिवरात्रि और शाही स्नान एक ही दिन होने के चलते पुलिस-प्रशासन ने नारसन बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। नारसन बॉर्डर पर कोविड जांच, रजिस्ट्रेशन और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन के किसी को भी सीमा में प्रवेश नहीं देने के सख्त निर्देश हैं। बुधवार को नारसन बॉर्डर पर बाहर से आने वाले एक हजार श्रद्धालुओं की आरटीपीसीआर और थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
112 श्रद्धालु कोरोना की जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचे, जिन्हें सीमा में प्रवेश दिया गया। वहीं, तीन हजार श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग और 472 रजिस्ट्रेशन किए गए। इस दौरान कई श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया। वहीं, दोपहर में जिलाधिकारी सी रविशंकर और एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, जेएम नमामि बंसल ने नारसन बॉर्डर का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। एसएसपी ने बिना रजिस्ट्रेशन के किसी को भी एंट्री नहीं देने के निर्देश दिए हैं।
मंगलौर से किया रूट डायवर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने नारसन से आने वाले वाहनों को मंगलौर से गुजारा। यहां से वाहनों को लंढौरा होते हुए लक्सर से हरिद्वार की तरफ भेजा गया। इस दौरान डायवर्ट रूट पर जगह-जगह पुलिस का पहरा रहा। पुलिस ने जगह-जगह वाहनों को गंतव्यों की ओर रवाना करती रही। पुलिस अधिकारी भी डायवर्ट रूट निरीक्षण करते नजर आए।
बाइपास पर उमड़ी कांवड़ियों की भीड़
मंगलौर से हरिद्वार जाने वाले बाईपास पर बुधवार को हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की भीड़ रही। इस दौरान बाईपास पर कांवड़िए भोले के रंग में नजर आए। डीजे की धुन पर डांस करते हुए कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। इस दौरान बाईपास पर सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की गाड़ी गश्त करती रही।
महाकुंभ के लिए कोटद्वार से लगाई गईं 10 बसें
महाशिवरात्रि पर्व पर महाकुंभ में अखाड़ों का पहला शाही स्नान बृहस्पतिवार को होगा। कुंभ मेला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शल्टर बसें लगाई गई हैं, जिसमें उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो से 10 बसें भेजी गई हैं।
हरिद्वार महाकुंभ में विभिन्न राज्यों के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से 15 फरवरी से 200 बसें चलाने का निर्णय लिया गया था। उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से इसके लिए हरिद्वार में छह अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए थे। महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए परिवहन निगम की ओर से व्यवस्थाएं जुटा ली गई हैं। कोटद्वार डिपो के एआरएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि नि देशालय के आदेश पर दस बसें हरिद्वार भेज दी गई हैं। ये बसें चंडीघाट के गौरीशंकर में बने अस्थायी बस स्टैंड से संचालित होंगी।