मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद तीरथ सिंह रावत ने कामकाज संभाल लिया है। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है। वह अपने नेतृत्व को साबित करने के लिए नौकरशाही में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। शासन से लेकर जिला स्तर पर अधिकारियों को बदला जा सकता है। नए सीएम की ताजपोशी के साथ ही अफसरशाही में हलचल पैदा हो गई है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के सामने कम समय में बेहतर परिणाम और नेतृत्व को साबित करने की चुनौती है। यही वजह है कि शपथ लेते ही वह काम में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए नौकरशाही में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं।
जिलाधिकारी समेत शासन स्तर पर उच्च पदों पर अधिकारियों को जिम्मेेदारी सौंपी जा सकती है। फेरबदल को लेकर नौकरशाहों में हलचल है। कई अफसर तीरथ के सामने अपनी गुडविल बनाने में जुट गए हैं। वहीं, पार्टी के कई नेताओं ने तीरथ की परिक्रमा शुरू कर दी है। अभी कैबिनेट के विस्तार के साथ ही नए सिरे से कैबिनेट मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।