यातायात का दबाव कम होगा
इसके अलावा हरिद्वार–मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे भीड़ वाले जंक्शनों पर फ्लाईओवर, व्हीक्युलर अंडरपास (वीयूपी) व सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा बढ़ेगी, चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा व आगामी कुंभ के दौरान वाहनों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। एनएचएआई ने पूर्व में विकसित मुजफ्फरनगर–नेपाली फार्म फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पहले से ही संचालन में है, जो हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को सुगम कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है।
एटीएमएस को किया जा रहा लागू
यातायात को और अधिक सुरक्षित एवं स्मार्ट बनाने के लिए एनएचएआई हरिद्वार–मुजफ्फरनगर, स्पर टू हरिद्वार तथा हरिद्वार बाईपास मार्गों पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी लागू कर रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से यातायात की रियल-टाइम निगरानी, सड़क उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने, यातायात नियमों के अनुपालन पर नजर रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
आगामी कुंभ को देखते हुए एनएचएआई का प्रयास है कि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क सुविधाएं और जाम से राहत मिल सके। इसी उद्देश्य से छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों की यात्रा भी अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।- विशाल गोयल, परियोजना निदेशक, पीआईयू रुड़की, एनएचएआई