कुंभ 2027 से पहले चंडी देवी मंदिर के पैदल मार्ग को सुविधाओं से लैस करने की तैयारी तेज हो गई है। 3.53 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले कार्यों में पेयजल, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में सिद्धपीठ मां चंडी देवी मंदिर के पैदल मार्ग का कायाकल्प किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग 3 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य करा रहा है।
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इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाना है। कुंभ मेला 2027 के विशेष बजट के तहत यह परियोजना क्रियान्वित की जा रही है। निर्माण कार्यों में श्रद्धालुओं की छोटी-बड़ी जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पेयजल व्यवस्था के लिए पानी की टंकियां, सार्वजनिक नल और जगह-जगह पियाऊ बनाए जा रहे हैं। चढ़ाई के दौरान विश्राम के लिए मार्ग में टिन-शेड और पक्की बेंचें भी बन रही हैं।
श्रद्धालुओं के लिए होगा बेहतर अनुभव
हरिद्वार महाकुंभ के दौरान मां चंडी देवी मंदिर एक प्रमुख धार्मिक आकर्षण का केंद्र रहता है। पहले इस मार्ग पर सीमित सुविधाओं के कारण श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी होती थी। इस परियोजना के पूरा होने से मार्ग सुरक्षित होगा। इससे कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा को सुगम बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
पैदल मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर रेलिंग लगाई जाएगी। सड़क चौड़ीकरण, सुधारीकरण और मंदिर की सीढ़ियों का नवीनीकरण भी किया जा रहा है। शौचालयों का निर्माण और चाय-अल्पाहार के लिए व्यवस्थित टी-स्टॉल भी स्थापित किए जा रहे हैं। सहायक अभियंता ललित मोहन सिंह ने कहा कि इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। कुंभ मेले के दौरान मां चंडी देवी के दर्शनों के लिए प्रतिदिन हजारों-लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। 3 करोड़ 53 लाख रुपये के बजट से कराए जा रहे इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य मार्ग में पेयजल, स्वच्छता और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।