रात पर चली वार्ता नतीजा शून्य रहा
बता दें कि बहादराबाद टोल प्लाजा पर बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस और किसान यूनियन कार्यकर्ताओं के बीच जमकर टकराव हुआ था। किसान यूनियन कार्यकर्ताओं को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं, जिसमें कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसमें पुलिस कर्मियों को भी चोटें आई थीं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। देर रात किसान नेताओं और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता भी बेनतीजा रही। फिलहाल, हरिद्वार जिले में पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है और धरना स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस विधायकों के साथ कार्यकर्ताओं ने भी दिया समर्थन
किसान यूनियन के धरने को कांग्रेस विधायक समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। धरने पर पहुंचे पिरान कलियर विधानसभा के विधायक फुरकान अहमद, भगवानपुर विधायक ममता राकेश, ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घटना आमजन की आवाज दबाने का काम किया गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान निकालने की मांग की।
दिनभर लगता रहा धरने के कारण हाईवे पर जाम
किसान यूनियन कार्यकर्ताओं के धरने के कारण बहादराबाद टोल प्लाजा पर यातायात पूरी तरह से थम गया। शाम को यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की सभा के बाद करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। भारी जाम के कारण स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि दूर-दराज से आने-जाने वाले वाहन यात्री भी परेशान रहे। दोपहिया वाहन चालकों ने सड़कों से किनारे-किनारे निकलने की कोशिश की, लेकिन वाहनों के बीच उन्हें भी कठिनाई झेलनी पड़ी। अचानक जाम की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस-प्रशासन को मौके पर पहुंचकर यातायात सुचारु कराने में पसीना बहाना पड़ा।
टोल के चारों लेन बंद होने से करीब पांच लाख का हुआ घाटा
बृहस्पतिवार को बहादराबाद टोल प्लाजा पर किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद हालात बिगड़ गए। किसानों के धरना-प्रदर्शन के कारण टोल प्लाजा की चारों लेन पूरी तरह शुक्रवार को भी पूरे दिन और रात बंद रही। टोल प्लाजा मैनेजर सुनील कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे से लेकर शुक्रवार तक प्लाजा पूरी तरह से जाम रहा। चार लेन बंद होने से कंपनी को लगभग पांच लाख रुपये का घाटा हुआ है। लगातार जाम और आवागमन बंद रहने से स्थानीय लोगों से लेकर दूर-दराज के वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने टोल प्लाजा परिसर में रातभर डेरा डाला। सुबह-शाम भोजन और नाश्ते के बाद चारों ओर गंदगी तक फैल गई है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए टोल कंपनी को पूरी टीम लगानी पड़ी।
योग गुरु रामदेव से की मुलाकात
किसान आंदोलन के बीच बहादराबाद टोल प्लाजा पर किसान नेता राकेश टिकैत जैसे ही किसानों से मुलाकात कर लौटने लगे, इसी बीच अचानक योगगुरु स्वामी रामदेव का काफिला टोल प्लाजा पर पहुंच गया। स्वामी रामदेव ने अपना काफिला रुकवाया और राकेश टिकैत से करीब पांच मिनट तक वार्ता की। स्वामी रामदेव ने मौके पर मौजूद किसानों से भी बातचीत की और पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए एक किसान की कुशलक्षेम पूछी। हालांकि दोनों लोगों ने मुलाकात को सिर्फ औपचारिक बताया। वहीं टोल प्लाजा पर अचानक हुई इस भेंट ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।