अभिभावकों का ये है कहना
मैं अपनी पोती का प्रवेश कराने के लिए आई थी, लेकिन सुबह से दोपहर हो गई, स्कूल का गेट ही नहीं खुला। जिससे अब वापस जा रही हूं। सरकार को ऐसे प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
- रीता
अपने एक रिश्तेदार के बच्चे का प्रवेश कराना है। जिससे प्रधानाध्यापक से मिलने के लिए आई थी, लेकिन वह बहुत ही अभद्रता के साथ व्यवहार करते हैं, पूरी बात भी नहीं सुनते हैं। इन्हें यहां से हटाया जाए।
- सोनम सैनी
मुझे अपनी बेटी का कक्षा छह में प्रवेश करना है। स्कूल के प्रधानाध्यापक से प्रवेश के लिए तीन दिन से चक्कर काट रही हूं, लेकिन वो प्रवेश ही नहीं दे रहे हैं। जिससे सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे खोखले साबित हो रहे हैं। गरीब हूं, अब कहां जाऊं।
- संगीता गुप्ता
मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन, प्रधानाध्यापक को स्कूल समय में अभिभावकों से मिलना चाहिए। मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाएगी। जांच में अगर प्रधानाध्यापक दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आशुतोष भंडारी, प्रभारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार
स्कूल समय में अभिभावकों से मिलने के लिए गेट नहीं खोलने के लिए प्रधानाध्यापक को पहले भी कई बार कहा जा चुका है, लेकिन, वो नहीं सुन रहे हैं। अपनी मनमानी कर रहे हैं। जिससे अभिभावकों को परेशान होना पड़ता है। इसकी शिकायत भी लगातार मिल रही है। अधिकारियों को स्कूल की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अभिभावक प्रधानाध्यापक से अपनी बात आसानी से रख सकें।
- हरेंद्र चौधरी, ग्राम प्रधान, जमालपुर कलां
उच्चाधिकारियों के अनुमति के बिना स्कूल समय में किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं है। इसलिए गेट बंद रखा जाता है। स्कूल में बैठने की व्यवस्था न होने के कारण प्रवेश बंद किए गए हैं।
- प्रमोद कुमार बर्थवाल, प्रधानाध्यापक