आरोप है कि दोनों खातो से पैसे निकाल लिए। न कोई एलआईसी की रसीद दी और न ही कोई म्यूचुअल फण्ड का कोई कागज दिया। चेक बुकें व पासबुक भी दामाद ने अपने पास रख ली। तीन-चार माह पहले पत्नी की तबीयत खराब होने पर पैसों की जरूरत पड़ी। दामाद व बेटी से पासबुक मांगने पर टालमटोल कर दी।
आरोप है कि बैंक जाकर दोनों खातों की स्टेटमेंट ली तो उनके होश उड़ गए। स्टेट बैंक के खाते से दामाद व बेटी ने धोखाधड़ी कर चेकों पर फर्जी कूटरचित हस्ताक्षर कर असल के रूप में प्रयोग कर बैंक कर्मचारियों से मिलीभगत कर 90 लाख अलग-अलग तारीखों में निकाल लिए।
पीएनबी बैंक वाले संयुक्त खाते से बिना बताए 20 लाख निकाल लिए। कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।