कांग्रेसी नेता से जमीन के सौदे में डूबे थे 10 लाख, बनाई लूट की योजना
एसएसपी ने बताया कि अजीत खुद प्रॉपर्टी का काम करता है। सुमननगर में उसने प्लॉटिंग की हुई है। उसने पूछताछ में बताया कि उस पर काफी कर्जा है। बेटी की शादी तय हो गई थी। पैसे की तंगी थी। वह चौधरी कुलवीर सिंह को करीब चार साल से जानता था। उसने उनसे जमीन का 67 लाख में सौदा किया था, जिसमें 10 लाख बयाना दिया था। तय समय पर जमीन नहीं बिकवा सका। तब उससे जमीन भी वापस ले ली गई और 10 लाख भी वापस नहीं किए। इसलिए उसने बदला लेने और पैसे की भरपाई करने के लिए लूट की साजिश रची। अजीत ने अपने पुराने परिचित और शातिर अपराधी सोमपाल उर्फ छोटू को इस खेल में शामिल किया। सोमपाल ने अपने परिचित अर्पित, विवेक व नरेश को पैसे का लालच देकर लूट के लिए तैयार किया। घटना से 20 दिन पहले मेरे पास सुमननगर में पहुंचे आरोपियों को उसने कुलबीर सिंह का घर दिखाया था। तब 25 अगस्त को प्लॉट पर बैठकर पांचों लोगों ने बैठकर लूट की पूरी योजना बनाई।
चेन, अंगूठी अजीत को मिली, बाद में मिलनी थी रकम
इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूटी गई ज्वैलरी में से एक चेन व अंगूठी सोमपाल ने अजीत को दी थी। रविवार को उसे फोन कर आरोपी लूट में मिले माल को बेचने के बाद मिली रकम से उसका हिस्सा देने सुमननगर झोपड़ी में आ रहे थे। तभी सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुजफ्फरनगर का गैंगस्टर है आरोपी सोमपाल उर्फ छोटू
इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी ने बताया कि आरोपी सोमपाल उर्फ छोटू मुजफ्फरनगर का गैंगस्टर है। उसके खिलाफ राजस्थान के थाना सिविल लाइन अजमेर में मारपीट, हरियाणा के थाना तहसील कैंप पानीपत में लूट, कोतवाली रुड़की में साल 2004 में बाइक लूट, मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर में 2006-7 में हत्या का केस, राजस्थान के जिला सीकर में 2012 में हत्या, थाना शामली में वर्ष 2005-06 में स्कूटर चोरी, थाना फुगाना मुजफ्फरनगर में कार लूट और जिला मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है।