माल को लेकर संशय की स्थिति में रहे प्रबंधक
फैक्टरी प्रबंधक लूटे गए माल को लेकर संशय की स्थिति में रहे। सुबह उन्होंने पहले करीब 20 लाख रुपये का माल ले जाने की बात कही। बाद में और माल गायब मिला तो फिर दोबारा से आंकलन किया। तब जाकर करीब 40 लाख रुपये का माल फैक्टरी से लूट ले जाने की तहरीर पुलिस को दी गई।
बंद पड़ी फैक्टरियों की रैकी करते थे आरोपी
एसएसएपी अजय सिंह ने बताया कि आसिफ उर्फ पुष्पा, गुलफाम उर्फ फाना के साथ मिलकर बंद कंपनियों की रैकी करता था। सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा कर्मियों की संख्या कितनी है इसको लेकर पूरी तरह जानकारी जुटा लेते थे। आरोपी गुलफाम ने अपने साथियों को आसिफ के गोदाम में रुकवाया था और वारदात को अंजाम देने का समय तय किया। इसके बाद कोहरे का फायदा उठाकर कंपनी में घुसे और हथियार के बल पर सुरक्षाकर्मियों को पीटने के बाद बंधक बना लिया। (रेहडे़) जुगाड़ वाहनों से माल को ले जाने के बाद गोदाम में छिपा दिया था। इसके बाद आरोपी अपने ठिकानों पर चले गए।
फरमाल पहले भी सिडकुल से जा चुका जेल
एसपी क्राइम रेखा यादव ने बताया कि आरोपी फरमान सिडकुल से चोरी, नकबजनी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। जबकि गुलफाम हत्या के मामले में जेल जा चुका है। किस कोतवाली-थाने से वह जेल गया था इसकी जानकारी अभी जुटाई जा रही है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटा रहे हैं।
आरोपियों से ये हुआ बरामद
आरोपियों के पास से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक चाकू, दो लोहे की रॉड और घटना में इस्तेमाल रेडा, दो मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। जबकि लूटे गए माल में एल्युमीनियम के रेडिएटर सहित अन्य शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।
एसपी क्राइम कर रही जांच
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि लापरवाही पर थाना प्रभारी और रात्रि अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। शनिवार की रात कौन-कौन पुलिसकर्मी कहां-कहां तैनात थे और घटना के समय कौन कहां इसको लेकर जांच एसपी क्राइम रेखा यादव कर रही हैं। जांच के बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई तय है।