कमेटी की इन सिफारिशों को नजरअंदाज
जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन के लिए चोपड़ा यूपी से लेकर उत्तराखंड की सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हैं। वे कहते हैं, 1976 में सरकार की ओर से गठित एनसी मिश्रा कमेटी ने साफ कर दिया था कि जोशीमठ का पहाड़ अतिसंवेदनशील ढाल है। यहां जो भी निर्माण कार्य हों, वह सोच-समझकर हों, इसमें वृहद स्तर पर पौधारोपण हो। कमेटी की इन सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया। कुछ नहीं माना। फिर 2013 की आपदा के हमारी कमेटी ने रिपोर्ट दी। उसमें कहा गया कि, धौलीगंगा और अलकनंदा की तरफ जो बांध बन रहे हैं, ये नहीं बनने चाहिए। तब तक कोई काम भी शुरू नहीं हुआ था। बाद में बांध बनाने का काम बढ़ता रहा। सरकारें संवेदनशील होतीं गौर करतीं कि उन्हें क्या करना चाहिए।
शिवलिंग में पड़ी दरारें
- फोटो : अमर उजाला
ऊपरी इलाकों में बांधों पर रोक लगे, नए को भूल जाएं
पर्यावरणविद् रवि चोपड़ा कहते हैं, हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट में हमने सिफारिश की थी कि 2200 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बांध नहीं बनने चाहिए। इन पर काम शुरू नहीं हुआ है उन पर रोक लगा दी जानी चाहिए और जो लाइन में खड़े हैं, उन्हें भुला देना चाहिए।
जोशीमठ शंकराचार्य आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
सड़कों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर पुनर्विचार हो
मेरा मानना है कि प्रकृति हमें आगाह कर रही है। इसलिए हमें चेत जाना चाहिए। सड़कों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर एक बार फिर विचार करना होगा। हाईपावर कमेटी 2020 में यह रिपोर्ट तैयार की थी, जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 2018 में सड़कों की सीमित चौड़ाई को लेकर अधिसूचना जारी की थी। उस अधिसूचना का कहना मानना चाहिए।
ये भी पढ़ें...Joshimath Sinking: ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी, बोले- सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी
तत्काल ये कदम उठाए सरकार
- जहां बड़े विकास कार्य करने हैं, वहां उस क्षेत्र की कैरिंग कैपेसिटी का अध्ययन ईमानदारी करें फिर निश्चय करें क्या होना चाहिए क्या नहीं होना चाहिए।
- भागीरथी इको सेंसिटिव जोन को लेकर हमने जो सिफारिशें की थीं, यहां छेड़छाड़ न हो, विकास करने के कई और तरीके हैं।
- लाखों को लोगों को सीधे धामों तक निजी वाहनों से जाने से रोकें और पेट्रोल व डीजल फूंकेंगे तो इससे ग्लेशियर पर प्रभाव पड़ेगा, वे तेजी से पिघलेंगे।
- एक निश्चित दूरी पर पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों को रोककर आगे का सफर इलेक्ट्रिक वाहनों से पर्यटकों को ले जाइये।