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Haridwar: दवाई बनाने वाली फैक्टरी में निर्माण कार्य के नाम पर साढ़े सात करोड़ की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज

Fri, 28 Jul 2023 01:17 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

ज्वालापुर पुलिस ने कारोबारी पति-पत्नी और उसके साले के खिलाफ धोखाधड़ी सहित प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
 
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धोखाधड़ी - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरिद्वार में दवाई बनाने की फैक्टरी में मशीनें, माल सप्लाई के साथ ही इंस्टॉलेशन कार्य करने के नाम पर सात करोड़ 33 लाख 43 हजार की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज करते हुए हत्या की धमकी भी दी गई। ज्वालापुर पुलिस ने कारोबारी पति-पत्नी और उसके साले के खिलाफ धोखाधड़ी सहित प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस ने बताया कि सुनील प्रसाद निवासी तारा स्मृति साकेतपुरी राजेंद्र नगर थाना बहादुरपुर पटना ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि वह  एगनाइज लाइफ साइस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर भगवानपुर रुड़की के अधिकृत हस्ताक्षरी हैं। कंपनी भगवानपुर में दवाई बनाने के प्लांट कीस्थापना कर रही है। इसके लिए फैक्टरी की मशीन, मोडयूलर पैनल, एसएस पाइप, एसएस फर्नीचर, एचवीएसी सिस्टम आदि की सप्लाई के साथ ही इंस्टॉलेशन के कार्य के लिए छह नंवबर 2021 को क्रस एयर एंड कंपनी के प्रोपराइटर प्रराम किशोर मिश्रा, उसकी पत्नी मयंका मिश्रा निवासी आरके एंक्लेव आर्यनगर से घर पर बातचीत हुई। सभी शर्तें तय होने के बाद उसी दिन 11 लाख दिए। फिर अलग-अलग तिथियों में 51 लाख की रकम राम किशोर मिश्रा व मयंका मिश्रा की फर्मों के खाते में ट्रांसफर कर दी।

आरोप है कि वर्ष 2022 में मई और जून माह में ढाई करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। छह जून 2022 को उनकी कंपनी के डायरेक्टर इनवॉइस के अनुसार रामकिशोर मिश्रा व मयंका मिश्रा की फैक्टरी में सप्लाई होने वाले माल की भौतिक रूप से जांच के लिए पहुंचे। लेकिन वहां कोई मशीन या माल नहीं मिला। 06 जून 2022 तक तीन करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी कर कंपनी की फर्जी इनवॉइस जारी कर हड़पी।  निर्माणाधीन फैक्टरी के कागजात व कार्य की जानकारी के लिए अपने साले आनंद शर्मा को फैक्टरी में प्रोडेक्शन एवं प्लानिंग मैनेजर के पद पर रखवाया था। उसने जानकारियां लीक कराई। जिसके बाद उसे हटा दिया गया। दोबारा बात करने पर मशीन, माल, सप्लाई व इंस्टॉलेशन का काम जल्द करने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद 21 मार्च 2023 तक छह करोड़ का भुगतान किया गया था।

आरोप है कि उन्होंने माल से तीन गुना अधिक के बिल धोखाधड़ी से बनाए। लिक्विड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की मशीन का ढांचा सप्लाई कर दिया, लेकिन एसेसिरीज सप्लाई नहीं की। अलग-अलग बारी में फर्जी इनवॉइस जारी कर रकम हड़प ली। साथ ही गाली-गलौज करते हुए हाथ, पैर तुड़वाते हुए हत्या करने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी रामकिशोर मिश्रा, मयंका मिश्रा, आनंद शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू दी गई है।
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