बिजली विभाग (उत्तर प्रदेश) में एसडीओ के बतौर तैनात रब्बान अली की देवबंद के पास मौत हो जाने से उनके पैतृक गांव राजपुर गढ़ मीरपुर तथा ससुुराल सलेमपुर में मातम छा गया। देर शाम उनके शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बड़ी संख्या में लोग उनके जनाजे में शामिल हुए और उन्हें श्रद्घांजलि दी।
पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर के रब्बान अली (30) की पांच साल पहले 2014 में सहारनपुर विद्युत विभाग में जेई के तौर पर नौकरी लगी थी। वर्तमान में उनकी तैनाती कैलाशपुर में थी। रब्बान अली और उनके साथी रुड़की निवासी एसडीओ पवन सिंह की सोमवार को मेरठ में अभियंता संघ की बैठक से लौटते हुए देवबंद हाईवे पर मौत हो गई थी। सुबह जैसे ही खबर पहुंची हर कोई गमगीन हो गया।
मोहर्रम होने के कारण पहले से ही गांव में ताजिये निकाले जाने के कारण माहौल सोगवार था। जिसने भी रब्बान की मौत के बारे में सुना हक्का-बक्का रह गया। रब्बान की शादी तीन ही साल पहले 2016 में पास के ही गांव सलेमपुर में हुई थी। उनका दो साल का एक बेेटा भी है। देर शाम उनको सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।
व्यवहार से बहुत नेक थे रब्बान
ग्राम प्रधान आबिद अली का कहना है कि रब्बान अली व्यवहार से बहुत ही नेक थे। मेधावी रब्बान की जब सरकारी नौकरी लगी तो गांव में खुशी का माहौल था। जब भी वे गांव तो सभी से प्यार से मिलते थे।