नगर निगम देहरादून और हल्द्वानी की मेयर सीट सामान्य होने के प्रबल आसार बन रहे हैं। इन दोनों ही जगहों पर अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या बहुत ज्यादा सामने नहीं आई है।
ऐसे में ये सीटें सामान्य घोषित किए जाने की संभावना है। प्रदेश में गत दिनों हुए जातीय सर्वे के जो आंकड़े सामने आए हैं, उनसे मेयर की सीट की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। हालांकि सरकार ने मेयर सीटों पर आरक्षण तय करने की प्रक्रिया को औपचारिक तौर पर शुरू नहीं किया है, लेकिन जातीय सर्वे ने काफी कुछ स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने इनके आधार पर काफी कुछ होमवर्क कर भी लिया है।
दरअसल, 2011 की जनसंख्या के आंकड़ों के हिसाब से इस बार नगर निकायों का परिसीमन किया गया है। 2011 की जनसंख्या के आंकड़ों में ओबीसी से संबंधित तथ्य नहीं हैं। ऐसे में सरकार को ओबीसी का सर्वे अलग से कराना पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में दो नए नगर निगमों कोटद्वार और ऋषिकेश में महिला मेयर बन सकती हैं। वहीं, निकायों में 33 फीसदी की आरक्षण व्यवस्था लागू होने के कारण हरिद्वार सीट भी महिलाओं के खाते में आ सकती है।
आंकड़ों से संकेत मिलते हैं कि नगर निगम काशीपुर के मेयर की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और रुद्रपुर सीट अनुसूचित जाति (एससी) के खाते में जा सकती है। कानूनी पेचीदगी में फंसी रुड़की नगर निगम की सीट पर ओबीसी सर्वे नहीं कराया गया है, लेकिन अन्य सातों नगर निगमों में स्थिति साफ है। आंकड़ों के अनुसार 35 फीसदी से ज्यादा ओबीसी काशीपुर में निकलकर आए हैं। बाकी जगह पांच से 20 फीसदी तक इनकी संख्या है। इसलिए मेयर की इस सीट का ओबीसी के खाते में जाने की संभावना है। आंकड़ों से संकेत मिलते हैं कि रुद्रपुर में एससी 15 फीसदी से ज्यादा हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए मेयर की सीट एससी के खाते में जा सकती है। सातों नगर निगमों में अनुसूचित जनजाति का बहुत कम प्रतिशत है। ऐेसे में उनके लिए कोई सीट आरक्षित होने की संभावना नहीं है।
आंकड़ों की जुबानी, नगर निगमों की कहानी
नगर निगम कुल जनसंख्या एससी एसटी ओबीसी
देहरादून 803983 97971 6007 95851
ऋषिकेश 106320 12643 288 3631
हरिद्वार 251197 34162 408 52554
कोटद्वार 135544 17066 1440 8838
हल्द्वानी 280578 26726 1937 51789
काशीपुर 175819 17382 241 67909
रुद्रपुर 175723 29332 1788 33437
निगमों में चमकेगा महिलाओं का नेतृत्व
चुनाव जब भी हों, नगर निगमों में महिलाओं के चमकने के मजबूत आसार बन रहे हैं। दोनों नए नगर निगमों में महिलाओं को आरक्षण मिलना तय माना जा रहा है। निकायों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था लागू है। इसी तरह, माना जा रहा है कि हरिद्वार सीट भी महिलाओं के खाते में जा सकती है। हालांकि ये देखना होगा कि ये सामान्य महिला होती है या फिर ओबीसी महिला। हरिद्वार नगर निगम में भी ओबीसी का प्रतिशत 19 के करीब है।
नगर निगमों के मेयर सीटों पर काफी हद तक सर्वे किया जा चुका है। आरक्षण तय करने में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। हमें हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है। स्थिति साफ होते ही मेयरों का आरक्षण भी तय कर दिया जाएगा।
- मदन कौशिक, नगर विकास मंत्री