प्रदेश में पहले देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए चुने गए पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर और भारतीय टीम के पूर्व कोच हरि सिंह थापा यह जानकारी मिलने के बाद बहुत खुश हैं। लेकिन उम्र अधिक होने के कारण वह सम्मान लेने के लिए खुद नहीं आ सकेंगे। उधर, खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल का कहना है कि वह खुद थापा को उनके घर जाकर सम्मानित करेंगे।
सम्मान मिलने से खुश
पिथौरागढ़ के नैनी सैनी गांव में रह रहे 81 वर्षीय बॉक्सर हरि सिंह थापा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि पहली बार राज्य में कोई सम्मान मिला है, इससे बहुत खुशी है। कहा कि अमर उजाला ने उनकी खबर छापी, जिसके बाद प्रदेश में उन्हें न सिर्फ पहचान, बल्कि यह सम्मान भी मिला।
उन्होंने अमर उजाला का धन्यवाद किया। हालांकि, भारी मन से कहा कि मैं सम्मान लेने देहरादून नहीं आ सकूंगा। थापा के पुत्र चंद्र सिंह थापा ने बताया कि उन्हें चलने में तकलीफ होती है, इसलिए वह घर पर ही रहना पसंद करते हैं। पिता के बदले सम्मान लेने वह दून आएंगे।
सरकार करेगी दून लाने की व्यवस्था
खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने महान खिलाड़ी की शारीरिक परेशानी को देखते हुए उन्हें दून लाने की व्यवस्था करने की बात कही है। कहा कि थापा सम्मान लेने आएं तो यह बड़ी खुशी की बात होगी। किसी वजह से ऐसा नहीं हो सका तो वह नौ नवंबर को सम्मान समारोह के बाद किसी दिन वह खुद पिथौरागढ़ जाकर थापा को सम्मानित करेंगे।