खटीमा से टोकरी में उगाया गया हरेला
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सोमवार को उत्तराखंड का पारंपरिक पर्व हरेला धूमधाम से मनाया गया। बरसात में जब चारों ओर हरियाली छा जाती है तब हरेला पर्व मनाया जाता है।
रीति-रिवाजों और संस्कृति से जुड़ा यह त्योहार कुमाऊं मंडल में मनाया जाता है। इस दिन घर में नए पौधे लगाए जाते हैं। वहीं घरों में कई उपजों को मिलाकर हरेला उगाया जाता है। जिससे हरेला पर्व के दिन घर के लोगों को पूजा जाता है।
इस दौरान हरेला पूजने वाले लोग एक दूसरे को 'लाग हरयाव, लाग बग्वाल, जी रया, जागी रया, यो दिन यो मास भेटने रया...' आशीर्वचन कहते हैं। रक्षाबंधन की तरह इस पर्व पर बहनें मायके आकर भाई समेत परिवारजनों को हरेला से पूजती हैं।