उत्तराखंड के पूर्व कबीना मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और मुख्यमंत्री हरीश रावत पर हमला बोला है।
आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रदेश में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। आबकारी की एफएल-टू से मुख्यमंत्री को प्रतिमाह 20 करोड़ रुपये जा रहे हैं। हरक ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल पर अपनी बेटी और अन्य रिश्तेदारों को कायदे-कानून को ताक पर रखकर विधानसभा में नौकरी देने का आरोप लगाया।
हरक बृहस्पतिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की पर्दाफाश रैली को प्रदेश में भारी सफलता मिल रही है। कुमाऊं मंडल के धारचूला और जागेश्वर में पर्दाफाश रैली को रोकने की हर संभव कोशिश की गई। लोगों को डराया-धमकाया गया, इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
इसी से पता चलता है कि पूरे प्रदेश में परिवर्तन की लहर है। हरक ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को 45 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष अपने विवेकाधीन कोष और विधायक नीति का इस्तेमाल भी चहेतों को खुश करने के लिए कर रहे हैं।
धारचूला और जागेश्वर में विकास के कोई कार्य नहीं कराए गए हैं। हरक ने कहा कि मुख्यमंत्री उनको रुदाली वंश का कहते हैं, लेकिन खुद केंद्र से पैसा नहीं मिलने का झूठा रोना रोते रहते हैं। धारचूला से विधानसभा का चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चाहे तो वह इसके लिए तैयार हैं।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री खजान दास, प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन और सह मीडिया प्रभारी बलजीत सोनी भी मौजूद रहे। वहीं हरक सिंह रावत द्वारा विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल पर अपनी बेटी और अन्य रिश्तेदारों को विधानसभा में नौकरी देने के आरोप पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन नहीं उठा।