पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत पर दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला भले ही आरोपों से मुकर गई, लेकिन हरक की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में जब तक मामले में फाइनल रिपोर्ट नहीं लगती, उनकी मुश्किलें भी बनी रहेंगी।
कानून के जानकारों के मुताबिक हरक सिंह रावत पर आरोप लगाने के बाद महिला के 164 के बयान हो चुके हैं और 164 के बयान के बाद महिला आरोप से मुकर गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच जब तक पूरी नहीं होती मामले में कुछ भी हो सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता गुरमीत सिंह बताते हैं कि महिला भविष्य में यह भी कह सकती है कि आरोप वापस लेने को उस पर दबाव बनाया गया। उसे डराया धमकाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साक्ष्य जुटा रही है। लिहाजा जब तक एफआर नहीं लगती आरोपी मंत्री की मुश्किलें भी बनी रहेंगी।
इसके अलावा अदालत खुद भी इस मामले का संज्ञान ले सकती है। वरिष्ठ अधिवक्ता एसडी पंत के मुताबिक युवती के बार-बार बयान बदलने से गवाह अविश्वसनीय हो चुका है। उसके अविश्वसनीय होने का लाभ आरोपी को मिलेगा।