शहर में रामलीला का मंचन समाप्त होते ही सभी किरदार अपनी-अपनी दिनचर्या में जुट गए हैं। राम अब फिर से नेतागिरी करने लगे हैं तो हनुमान ने अपनी दुकान संभाल ली है। लक्ष्मण और दशरथ भी अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए हैं।
रामलीला के मंचन के दौरान देर रात सोने की वजह से सुबह देर से उठने का गड़बड़ाया शेड्यूल भी मंगलवार से सुधरा नजर आया। मंचन के बाद पहले दिन जब वह फ्री हुए तो कैसे अपनाई अपनी पुरानी दिनचर्या, जानते हैं उन्हीं की जुबानी।
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अर्जुन सोनकर: चुक्खूवाला क्षेत्र के पार्षद हैं और यहां होने वाली रामलीला में ये राम की भूमिका निभाते हैं। रामलीला मंचन की वजह से वे अपने रूटीन के काम, कार्यालय में बैठना, क्षेत्र भ्रमण जैसी गतिविधियां नहीं कर पा रहे थे। मंगलवार को सबसे पहले क्षेत्र भ्रमण पर निकले फिर दो घंटे हमेशा की तरह अपने कार्यालय में बैठे। बताया कि कई दिनों से कृष्णा पैलेस के पास के खाली प्लॉट में कूड़े का जो मामला लटका था, सबसे पहले उसे निपटाया।
गौरव वाधवा : मन्नूगंज में लड़ियों की दुकान है और रामलीला में हनुमान बने थे। गौरव ने बताया कि रामलीला मंचन की वजह से रात ढाई बजे तक ही सो पाते थे ऐसे में सुबह दस बजे से पहले नहीं उठ पाते थे। दुकान पर जाना भी खुद नहीं हो पाता था। मंगलवार सुबह 6 बजे उठे और खुद दुकान खोल सभी जरूरी काम किए।
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अमित शर्मा : कोतवाली के पास ही रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान में काम करते हैं। अमित रामलीला में लक्ष्मण बने थे। लीला के दौरान वह दुकान से जल्दी छुट्टी लेकर चले जाते थे, पर मंगलवार को उन्होंने पूरे दिन दुकान पर काम किया।
राजेंद्र सब्बरवाल : रामलीला में दशरथ बने राजेंद्र को-ऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव हैं। लीला मंचन से फ्री होकर अब वे सभी को लोन दिला रहे हैं। इसके अलावा वह कई तरह के सामाजिक कार्य भी करते हैं। बताया कि सबसे पहले वृंदावन जा रहा हूं। साथ ही गरीब कन्याओं के विवाह आदि भी कराता हूं तो मंगलवार को उसकी रूपरेखा तय की।
करते हैं ब्रह्मचर्य का पालन
रामलीला में राम-लक्ष्मण और हनुमान की भूमिका निभाने वाले सभी किरदारों को पूरी तरह से इसी जीवन में ढलना होता है। जितने भी दिन रामलीला होती है यह फर्श पर सोते हैं और नॉन-वेज का त्याग रखते हैं। पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। चुक्खूवाला रामलीला की व्यवस्था देखने वाले मुकेश शर्मा ने बताया कि मंचन समापन पर किरदार हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करते हैं उसके बाद ही अपनी पहले जैसी जिंदगी में वापस लौटते हैं।