उन्होंने कहा कि भगवान की कोई जाति ही नहीं होती और भगवान किसी के गर्भ से उत्पन्न नहीं होते, बल्कि वे भगवान का अवतार होते हैं और प्रकट होते हैं। भगवान का शरीर मलमूत्र, अस्थियों का नहीं होता, अपितु उनका शरीर नित शुद्ध चिन्मय होता है।
उन्होंने कहा कि हनुमान इस कलयुग में सशरीर विजमान हैं। इस प्रकार हनुमान पर की गई टिप्पणियां उन्हीं को घातक सिद्घ होंगी।