मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बनभूलपुरा में हुए उपद्रव, सरकारी वाहन और थाना फूंकने के मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों को साक्ष्य प्रस्तुत करने और अपने बयान देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। कोई भी व्यक्ति सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक कमिश्नर के सामने प्रस्तुत होकर साक्ष्य और बयान दे सकता है।
कई बड़े नेता पुलिस के रडार पर
बनभूलपुरा में उपद्रव में वहीं के कई राजनीतिक दलों के नेताओं का हाथ भी सामने आ रहा है। हिंसा मामले में पुलिस को कई साक्ष्य मिले हैं। अब पुलिस इन नेताओं की सीडीआर की जांच भी कर रही है। जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारी हो सकती है।
मलिक के बगीचे से अतिक्रमण हटाने के मामले में सरकार से जवाब तलब
नैनीताल। हाईकोर्ट ने हल्द्वानी स्थित मलिक और नजाकत अली के बगीचे मामले में सुनवाई के बाद सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मलिक के बगीचे मामले में याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ऑनलाइन बहस की। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट में बहस के दौरान सरकार की ओर से से कहा गया कि विवादित भूमि नजूल भूमि थी। इसे दस वर्षों की लीज पर कृषि कार्यों के लिए दिया गया था लेकिन लीज खत्म होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं हुआ। यह भी बताया गया कि अगर दिए गए कारण के अलावा भूमि को दूसरे कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो नियमानुसार लीज स्वतः ही निरस्त मानी जाती है।
नामजद नौ आरोपी फरार हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट में गई थी। कोर्ट ने बुधवार को नौ नामजद आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
- योगेंद्र सिंह रावत डीआईजी कुमाऊं