पुलिस जांच में पता चला है कि चौकीदार को करीब एक बजे नींद आ गई थी। इसी समय किशोरों ने खिड़की के एंगल और जाली काटी और मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।
पांच कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण
देर रात में राजकीय संप्रेक्षण गृह में तीन चौकीदार, एक केयरटेकर और एक अधीक्षक तैनात थे। जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन ने बताया कि इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कहा कि यह घोर लापरवाही है। देखा जा रहा है कि किस-किस स्तर में लापरवाही बरती गई।
सरिया तोड़ा फिर भी नहीं टूटी चौकीदारों की नींद
जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन ने बताया कि जिस हॉल में ये किशोर थे, उसके बाहर एक गार्ड, प्रथम तल में एक गार्ड, केयरटेकर और एक अधीक्षक तैनात था। वहीं परिसर के अंदर एक चौकीदार तैनात था। सवाल यह है कि जब खिड़की का सरिया तोड़ा गया तो तेज आवाज भी हुई होगी। उसके बाद भी ये कर्मचारी क्यों नहीं जागे।
2016-17 में भी भागे थे किशोर
पुलिस और राजकीय संप्रेक्षण गृह में तैनात कर्मचारियों के अनुसार 2016-17 में भी संप्रेक्षण गृह से कुछ किशोर भाग गए थे। इसके बाद सुरक्षा को मजबूत किया गया था। खिड़कियों में बाहर से एंगल लगाए गए थे।
25 किशोर और 30 किशोरियों को रखने की है व्यवस्था
राजकीय संप्रेक्षण गृह में 25 किशोरों और 30 किशोरियों को रखने की व्यवस्था भी है लेकिन राजकीय संप्रेक्षण गृह में 13 किशोर हैं। निचले तल में गंभीर अपराध करने वाले छह किशोरों को रखा गया है, जबकि ऊपरी तल में चोरी और एनडीपीएस वाले किशोरों को रखा गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए दो किशोरों ने चार किशोरों के नाम बताए हैं। बताया कि ये किशोर पहले से ही ग्रिल ताले तोड़कर चोरी कर चुके हैं। उन्होंने ही ये तरीका उन्हें बताया था।
भागने के लिए किशोरों ने अपनी जिंदगी खतरे में डाली
राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) से भागने के लिए विधि विवादित किशोरों ने अपनी जिंदगी भी खतरे में डाल दी। वे जिस ऊंचाई और तरीके से नीचे उतरे हैं, उस दौरान बड़ा हादसा भी हो सकता था। किशोरों के देर रात करीब तीन बजे निकलने का अनुमान है। इस दौरान आमतौर पर लोग गहरी नींद में होते हैं। किशोर करीब 25 फीट ऊंची दूसरी मंजिल की खिड़की को तोड़कर चादरों और रजाई के खोल के सहारे उतरे और दीवार के पास रखी सीढ़ी के सहारे भाग गए। किशोरों ने भागने का यह काम इतनी सफाई से किया कि राजकीय संप्रेक्षण गृह में मौजूद कर्मियों को भनक नहीं लग सकी। एसपी सिटी जगदीश चंद्रा का कहना है कि तीन मंजिल से कपड़ों के सहारे उतरना खतरे से खाली नहीं था। यदि इस दौरान चादर फट जाती तो बड़ा हादसा हो सकत था।
लूट, दुष्कर्म और स्मैक तस्करी का आरोप
राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद किशोरों की आयु 13 से 17 साल के बीच हैं। इन पर लूट, दुष्कर्म, चोरी, छेड़खानी, स्मैक तस्करी जैसे कई गंभीर आरोप हैं। सभी आरोपी नैनीताल जिले के निवासी हैं। बाल सुधार गृह में वर्तमान में 13 नाबालिग हैं। फरारी के दिन यहां तीन सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
दो मंजिलें में रखे गए थे चोरी के आरोपी
दो मंजिल भवन में चोरी और एनडीपीएस एक्ट में पकड़े गए किशोरों को रखा था, जबकि नीचे की तल में हत्या की कोशिश, दुष्कर्म आदि आरोपों में बंद किशोरों थे।
राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) की चहारदीवारी को ऊंची करने का प्रस्ताव जिला योजना में रखा जाएगा। साथ ही चहारदीवारी पर कंटीले तार और अलार्म सिस्टम भी लगाए जाएंगे ताकि आगे ऐसी घटना न हो।
- व्योमा जैन, जिला प्रोबेशन अधिकारी
बाल सुधार गृह से भागे सात किशोरों में से दो को पुलिस ने पकड़ लिया है। पांच की तलाश जारी है, उन्हें भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
- प्रीति प्रियदर्शिनी, एसएसपी नैनीताल।