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Uttarakhand: हैकर्स छुट्टी के दिन कर रहे साइबर हमले, चीनी हैकर्स चुरा लेते हैं वेबसाइट की लॉगिन जानकारी

Tue, 04 Aug 2026 08:15 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड में साइबर हमलों का एक नया पैटर्न सामने आया है। पिछले बड़े साइबर हमलों का विश्लेषण बताता है कि हैकर्स सरकारी छुट्टियों और सप्ताहांत को निशाना बना रहे हैं, जब वेबसाइटों पर ट्रैफिक और निगरानी अपेक्षाकृत कम होती है।
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साइबर हमले - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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उत्तराखंड में होने वाले साइबर हमलों के लिए हैकर्स छुट्टी का दिन चुन रहे हैं। दो अक्तूबर 2024 को हुए प्रदेश के सबसे बड़े साइबर हमले से लेकर हाल फिलहाल के हमले भी इसमें शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे मुख्य वजह वेबसाइटों पर कम ट्रैफिक होना भी है, जिससे अपराधी अपने मंसूबों में बिना किसी बाधा आसानी से कामयाब हो जाएं।

साइबर हमलों का ट्रेंड देखें तो दो अक्तूबर 2024 को प्रदेश में सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ था, जिसकी वजह से 90 से ज्यादा सरकारी वेबसाइटें ठप हो गई थीं, उस दिन गांधी जयंती की सरकारी छुट्टी थी। इसके बाद 14 अप्रैल को जो साइबर हमला हुआ, उस दिन आंबेडकर जयंती के कारण सरकारी अवकाश था। हाल फिलहाल में जो चाइनीज हैकर्स का हमला हुआ है, उस दिन शनिवार था।

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शनिवार को सचिवालय समेत कई विभाग ऐसे हैं, जहां अवकाश होता है। वेबसाइटों पर अमूमन कम ट्रैफिक होने के कारण हैकर्स के लिए हमला करना आसान होता है। अब आईटीडीए विशेषज्ञों को इस ट्रेंड को देखना होगा। हालांकि आईटीडीए इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। आईटीडीए के निदेशक आलोक पांडे ने बताया कि इस बार केवल एक मालवेयर आया था, ऐसे तो रोजमर्रा लाखों मालवेयर आते हैं। निदेशक मालवेयर को साइबर हमला नहीं मानते हैं।

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चीनी हैकर्स चुरा लेते हैं वेबसाइट की लॉगिन जानकारी

चीनी हैकर्स का एक ट्रेंड यह भी है कि वे अपने मालवेयर की मदद से वेबसाइटों के डाटा में सेंध लगाकर उसके क्रेडेंशियल यानी लॉगिन जानकारी चुरा लेते हैं। इसका मतलब है कि उस वेबसाइट पर जो यूजरनेम, ईमेल और पासवर्ड होंगे, उस तक हैकर्स की पहुंच हो सकती है। उत्तराखंड में चीनी हैकर्स इसमें कामयाब हुए या नहीं, ये जांच का विषय है। हालांकि आईटीडीए के निदेशक का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।

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