पतंजलि योगपीठ में आगामी तीन और चार नवंबर को होने वाले ज्ञान कुंभ की तैयारियां का प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धनसिंह रावत ने आचार्य बालकृष्ण के साथ निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों को बताया कि ज्ञानकुंभ का उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द 3 नवंबर को सुबह 10 बजे करेंगे। 4 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह समापन समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि ज्ञानकुंभ प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और पतंजलि विवि द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
देश में पहली बार ज्ञानकुंभ का आयोजन किया गया है। ज्ञानकुंभ में 1500 शिक्षाविदों के साथ-साथ देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों तथा निजी विश्वविद्यालयों के आठ सौ कुलपतियों को निमंत्रण भेजा गया है। इनमें 350 से ज्यादा कुलपतियों के आने की स्वीकृति मिल चुकी है। इनके अलावा आईआईटी, एफआरआई, आईआईएम, एनआईटी तथा अन्य शोध संस्थानों के निदेशकों ने आने की स्वीकृति दे दी है।
यूजीसी के चेयरमैन भी ज्ञानकुंभ में भाग लेंगे। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पंतजलि योगपीठ में ज्ञानकुंभ का आयोजन किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। ज्ञानकुंभ बड़ी दृष्टि और व्यापक सोच के माध्यम से शिक्षा जगत में सुधार का एक संबल बनेगा। यह शिक्षाविदों का अद्भुत संगम होगा। पत्रकार वार्ता में शिक्षाविद् और एसएमजेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुनील बत्रा आदि मौजूद थे।