नैनीसैनी हवाई पट्टी से व्यावसायिक उड़ान शुरू होने का सपना 27 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। दो माह तक चली कवायद के बावजूद नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से अनुमति नहीं मिलने से सीमांत जनता के हवाई सेवा मिलने के सपने चकनाचूर हो गए।
चीन एवं नेपाल की सीमाओं से लगे पिथौरागढ़ जिले के नैनीसैनी में हवाई पट्टी वर्ष 1991 में तैयार हो गई थी। नियमित व्यावसायिक उड़ान के लिए जब पहली बार ट्रायल किया गया तो हवाई पट्टी छोटी पड़ गई। हवाई पट्टी के छोटा पड़ने पर चार साल पहले लगभग 65 करोड़ की लागत से इसका विस्तार किया गया। विस्तार के बाद रनवे 1600 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया गया। हवाई पट्टी के विस्तार के बाद प्रदेश सरकार ने नवंबर 2015 में इस हवाई पट्टी पर नौ सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग कर 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ानें शुरू करने का प्रयास किया था। लेकिन, 2016 में भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी।
प्रदेश सरकार ने इस साल नैनीसैनी हवाई पट्टी से उड़ान शुरू करने की सभी तैयारियां कर ली थीं। नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायरब्रिगेड, सुरक्षा व्यवस्था, टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर स्थापित कर दिया गया। आठ अक्तूबर को ट्रायल लैंडिंग सफल रहने के दूसरे दिन (नौ अक्तूबर को) गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हेरिटेज एविएशन के नौ सीटर विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
पिथौरागढ़ पहुंचे केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा और पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी सहित हेरिटेज एविएशन के सीईओ रोहित माथुर ने 24 अक्तूबर से नियमित व्यावसायिक उड़ान शुरू करने का दावा भी किया। उनके इस दावे के बाद सीमांत जनपद के लोगों में उम्मीदें जगी, लेकिन 24 अक्तूबर को विमान सेवा शुरू नहीं होने पर उनके हाथ एक बार फिर मायूसी लगी है। हालांकि वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने हवाई पट्टी के पास बने मकानों को बाधक बताते हुए डीजीसीए की ओर से अनुमति नहीं मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि छह माह में इसका निस्तारण कर लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल नियमित हवाई उड़ान शुरू होने की कम ही उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर छाया रहा उड़ान का मुद्दा
नैनीसैनी हवाई पट्टी से 24 अक्तूबर को हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा के बावजूद उड़ान शुरू नहीं होने से लोगों में गहरी नाराजगी है। दिन भर लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की।