गुरु चरण सिंह बब्बर ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार से सिर्फ उन्हें आश्वासन मिल रहे हैं।
लंबे समय से संग ज्ञान गोदड़ी की जमीन को संगत को देने की मांग कर रही है। वह वहां पर गुरुद्वारा बनाना चाहते हैं। गुरू पर्व के दिन भी संगत सिर्फ ज्ञान गोदड़ी में जाकर वहां दर्शन करना चाहती है। लेकिन सरकार ऐसा करने से भी उन्हें रोक रही है।
कोतवाल महेश जोशी ने बताया कि जबरन प्रदेश में घुसने पर यात्रा में शामिल गुरु चरण सिंह बब्बर, अमर सिंह, विजेंद्र, लाभ सिंह, रघुवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, गोपाल सिंह, अवतार सिंह, दिलबाग सिंह, जसवंत सिंह, करतार सिंह, सुखपाल सिंह, बलवीर सिंह सभी निवासी दिल्ली और जसदीप सिंह, सुब्बा सिंह ढिल्लो, जजपाल सिंह, सतविंदर सिंह सभी निवासी हरिद्वार को गिरफ्तार कर एसडीएम के समक्ष पेश किया गया।
जहां से उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इस मौके पर एसपी देहात सरिता डोभाल, सीओ बीएस धोनी, एसओ सहसपुर नरेश राठौर, चौकी प्रभारी कुल्हाल मुुकेश कुमार, एसओ चकराता यादवेंद्र सिंह बाजवा, एसआई दीपक मैठाणी, हिमानी चौधरी आदि मौजूद रहे।
बताया जाता है कि हरिद्वार में हर की पौड़ी के पास लंढोरा हाउस भवन था। वर्ष 1974 में कुंभ से पूर्व घाट की विस्तारीकरण योजना में यह भवन और अन्य इमारतें ढहा दी गई थीं।
इस स्थल पर पुल का निर्माण कर दिया गया। पुल के नीचे स्काउट एंड गाइड का कार्यालय भी है। बताया जाता है कि गुरुनानक देव इस स्थल पर आए थे। जत्थे में शामिल लोग इसको ज्ञान गोदड़ी का स्थल बताते हैं। इसी को लेकर विवाद निरंतर चल रहा है। हर वर्ष ज्ञान गोदड़ी यात्रा जत्था हिमाचल के रास्ते इस स्थल पर पहुंचने का प्रयास करता है। जिसे पुलिस-प्रशासन प्रदेश की सीमा पर रोक देता है।