रिपोर्ट के मुताबिक संजय पार्क प्रशासन ने लोगों को जागरूक किया, सभी संबंधित पक्षों को साथ में लिया, वन कर्मियों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए। टीम ने माना कि उत्तराखंड और महाराष्ट्र में विभिन्नता है, लेकिन फिर भी मूल समस्या एक ही है।
ये दिए सुझाव
1. समस्या की सही पहचान जरूरी: वन्यजीव किन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय हैं, वे वन क्षेत्र से बाहर क्यों निकल रहे हैं?
2. वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को नेतृत्व करना चाहिए और रणनीति बनानी चाहिए। एक बार रणनीति बन जाए तो इसको उपयोग में लाना चाहिए।
3. विभागीय टीम को मजबूत किया जाना चाहिए। रेस्क्यू केंद्र, उपकरण और अन्य संसाधन पर्याप्त हों।
4. वन्य जीव प्रबंधन की जगह मानव प्रबंधन पर फोकस हो। मसलन लोगों को बताया जाए कि निवास स्थान पर पर्याप्त रोशनी हो, गुलदार के वास स्थल से दूरी बनाकर रखें आदि।
5. मूलभूत शोध भी जरूरी है। मसलन क्या वन में किसी खास वन्यजीव के लिए भोजन की कमी हो गई है।
6. पुलिस, राजस्व, स्थानीय लोगों, पशुपालन विभाग आदि को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
7. मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए पर्याप्त और अलग से फंड की व्यवस्था हो।
8. स्थानीय लोगाें की अधिक से अधिक भागीदारी हो, पर्याप्त सक्षम विलेज प्रोटेक्शन फोर्स बनाई जाएं।