तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत गेस्ट टीचरों को जहां उत्तराखंड शासन ने हटाए जाने के आदेश किए हैं, वहीं शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने किसी भी गेस्ट टीचर को न हटाए जाने को कहा है।
शिक्षा मंत्री ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों को इसके आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन की ओर से गेस्ट टीचरों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए इन्हें हटाने के आदेश किए गए थे। प्रदेश में गेस्ट टीचर पिछले एक महीने से कार्य बहिष्कार पर हैं।
हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने सात दिसंबर 2016 को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के मुताबिक गेस्ट टीचरों की हड़ताल से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जो टीचर स्कूलों से अनुपस्थित चल रहे हैं, उन्होंने अनुबंध का उल्लंघन किया है।
इन टीचरों का अनुबंध समाप्त कर इनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची के गेस्ट टीचरों को तैनाती की जाए। अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि गेस्ट टीचरों को अनुपस्थिति की अवधि का मानदेय भुगतान भी न किया जाए। शासन के इस आदेश के बाद विभाग ने अनुपस्थित चल रहे टीचरों की पड़ताल कराई तो पाया गया कि तीन हजार टीचर अनुपस्थित चल रहे हैं।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर की ओर से रविवार को इन टीचरों की सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश किए गए थे, लेकिन सोमवार को शिक्षा मंत्री ने इस आदेश पर रोक लगा दी। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि कोई भी गेस्ट टीचर हटाया नहीं जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा निदेशक और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को यह आदेश कर दिया गया है कि जो जिस विद्यालय में पढ़ा रहा है, उसे उसी स्कूल में तैनाती दी जाए। अधिकारियों को यह भी आदेश किया है कि इन टीचरों को तैनाती से रोका न जाए।
प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है, गेस्ट टीचरों की हड़ताल से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ है, लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे टीचरों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा
गेस्ट टीचरों के स्थाई भर्ती के लिए फार्मूला तैयार
उत्तराखंड में गेस्ट टीचरों की भविष्य में स्थाई भर्ती के लिए नियुक्ति का फार्मूला तैयार कर लिया गया है। स्थाई भर्ती के लिए एक साल की सेवा पर उन्हें पांच और अधिकतम दस अंक दिए जाएंगे। इसके लिए तैयार की गई अल्पकालिक टीचर सेवा नियमावली को आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल सकती है।
प्रदेश में प्रवक्ता और सहायक अध्यापक एलटी के लगभग 4500 पद रिक्त हैं, इनमें से अधिकतर पदों पर गेस्ट टीचर कार्यरत हैं। ये गेस्ट टीचर तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने एक बार तो इन टीचरों के खिलाफ जहां सख्ती दिखाई, मगर शिक्षा मंत्री नैथानी के रुख के बाद उनके सुरक्षित भविष्य के लिए फार्मूला भी तैयार कर लिया है।
गेस्ट टीचरों के लिए सरकार अल्पकालिक टीचर सेवा नियमावली बना रही है। इसके साथ ही उत्तराखंड शिक्षक नियुक्ति सेवा नियमावली में भी संशोधन की तैयारी है। इस फार्मूले के तहत गेस्ट टीचरों को प्रवक्ता और सहायक अध्यापक एलटी के पद पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा के बाद बनने वाली मेरिट में एक साल की सेवा पर पांच अंक और अधिकतम दस अंक दिए जाएंगे।
चयन के बाद इनकी तीन साल की स्कूलों में संतोषजनक सेवा के बाद नियमित नियुक्ति के लिए इनके नाम बोर्ड व लोक सेवा आयोग को भेजे जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आदेश के बाद विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे आज कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल सकती है।
गेस्ट टीचरों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमने फार्मूला तैयार कर लिया है। उनका भविष्य सुरक्षित हो सके इसके लिए आज हम कैबिनेट में प्रस्ताव ला रहे हैं।
- मंत्री प्रसाद नैथानी शिक्षा मंत्री