तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत माध्यमिक अतिथि शिक्षक सचिवालय कूच के दौरान बैरिकेडिंग पर रोके जाने पर वहीं धरने पर बैठ गए। देर रात तक सैकड़ों गेस्ट टीचर बैरिकेडिंग पर डटे रहे।
इनमें दो सौ से अधिक महिला गेस्ट टीचर भी शामिल हैं। एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के मनाने पर भी आंदोलित शिक्षक बैरिकेडिंग से नहीं हटे। गेस्ट टीचर मुख्यमंत्री हरीश रावत से वार्ता करने की जिद पर अड़े थे। आक्रोशित गेस्ट टीचरों ने कई बार बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
प्रदेश अध्यक्ष विवेक यादव और कार्यकारी अध्यक्ष ललित डंगवाल ने कहा कि सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इसको किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संरक्षक प्रवीन रणकोटी और महामंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि सरकार को हर हाल में रोजगार देना होगा।
सीएम और शिक्षा मंत्री अपने वादों से मुकर गए हैं। कार्यकारी महामंत्री कविंद्र कैंतुरा ने कहा कि पिछली वार्ता में सीएम ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया था। बावजूद कुछ नहीं हुआ। इस मौके पर हरीश आर्य, महावीर चौहान, कुबेर सेमवाल, कविता शर्मा, राजपाल रावत, अनीता बौड़ाई, दुर्गा गुनसोला, मनीषी चौहान, राकेश लाल, भुवन ठाकुर, दौलत जगूड़ी, राजू धामी आदि शिक्षक धरने पर बैठे थे। वहीं, धरनास्थल पर कई अतिथि शिक्षकों का अनशन जारी था।
धरना स्थल पर गेस्ट टीचरों ने गाए गीत
धरने के दौरान गेस्ट टीचरों ने गढ़वाली, गोरखाली, जौनसारी और कुमाऊंनी गीत गाए। इस मौके पर राज्य निर्माण के दौरान गाए जाने वाले गीत भी गाए गए।