तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत गेस्ट टीचरों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
रविवार से अनशन पर बैठे टीचरों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक एक सूत्री मांग पर अमल नहीं होता अनशन जारी रहेगा। प्रदेश में छह हजार से अधिक गेस्ट टीचर तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं।
आंदोलन कर रहे टीचरों का कहना है कि सरकार ने उनके सुरक्षित भविष्य के लिए शीघ्र कोई ठोस नीति बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस है। पहाड़ के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में सेवा देने के बावजूद उनके हितों की अनदेखी हो रही है।
अनशन पर बैठे प्रकाश चंद्र, दुर्गा गुनसोला, अमित जोशी, प्रियंका और महेंद्र किशोर ने कहा कि सरकार ने उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर यदि 31 मार्च 2017 से पहले कोई कदम न उठाया तो हजारों टीचर बेरोजगार हो जाएंगे। संगठन के प्रांतीय मीडिया प्रभारी दौलत जगुड़ी ने कहा कि शनिवार देर रात टीचरों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हरीश रावत और शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी से मिला था।
सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। टीचरों ने मार्च 2016 से मानदेय न मिलने पर भी नाराजगी जताई। परेड ग्राउंड में धरना देने वालों में अध्यक्ष विवेक यादव, ललित डंगवाल, विजय पोखरियाल, महावीर, दुर्गा प्रसाद भट्ट, डीके भट्ट, रमानंद शास्त्री, प्रवीण कुमार, अमृता नौटियाल, महेश, नरेंद्र, मनीष चौहान आदि शामिल रहे।