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गारंटी पेंशन योजना लागू की जाए : शिवगोपाल

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देहरादून। रेलवे में नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन स्कीम या गारंटी पेंशन स्कीम लागू किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन की ओर से आयोजित डेलिगेट्स अधिवेशन में यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव व ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि 2004 के बाद रेलवे सेवाओं में आए कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन स्कीम या फिर गारंटी पेंशन स्कीम का लाभ नहीं दिया गया तो इसके लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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राष्ट्रीय महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि रेलवे बोर्ड साल 2023 तक देश की 109 रेल मार्गों पर 125 निजी गाड़ियों को संचालित कराने की योजना पर काम कर रहा है। वर्ष 2021 में पांच गाड़ियां संचालित किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन जब वर्तमान रेल प्रबंधन ट्रेनों के संचालन को पूरी तरह सक्षम है तो ऐसे में ट्रेनों के संचालन का निजीकरण भला कहां तक उचित है। कहा कि केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड एयर इंडिया की तर्ज पर रेलवे को चलाना चाहते हैं। रेलवे की उत्पादन इकाइयां अच्छा काम कर रही है। इसके बावजूद कई उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण की तैयारी रही है। कोरोना संकट के बीच रेलवे को 17 फ़ीसदी आय में इजाफा हुआ है। इसके बावजूद कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व अन्य भत्ते फ्रीज कर दिए गए हैं। 43600 से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी भत्ते में कटौती किए जाने और वर्ष 2017 से रिकवरी किए जाने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही यूनियन के आला पदाधिकारियों की रेल मंत्री और आला अधिकारियों के साथ वार्ता की होगी। कैडर रिस्ट्रक्चरिंग में हो रही देरी के मामले में 1800 रुपये ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को जल्द ही 1900 ग्रेड पे और 4600 ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को 4800 रुपये ग्रेड पे दिलाने को लेकर वार्ता की जाएगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों को भी यूनियन से जोड़ने की तैयारी
राष्ट्रीय महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि रेलवे में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को भी यूनियन में शामिल किया जाएगा उनके हितों की पूरी रक्षा की जाएगी। जल्द ही इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ठेके के कर्मचारियों को नौकरी से किसी भी सूरत में निकालने नहीं दिया जाएगा। अधिवेशन में राष्ट्रीय महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के अलावा मंडल सचिव राजेश चौबे, केंद्रीय उपाध्यक्ष एमपी चौबे, सहायक मंडल मंत्री सोहेल खालिद, पीएस नेगी, शाखा अध्यक्ष रमेश कुमार व शाखा सचिव उग्रसेन सिंह समेत यूनियन के तमाम पदाधिकारी डेलिगेट्स उपस्थित रहे।
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अधिवेशन में उठाई गईं ये मांगे
-नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन स्कीम या गारंटी पेंशन स्कीम के तहत पेंशन दी जाए।
-कर्मचारियों से रात ड्यूटी भत्ते की रिकवरी समाप्त की जाए।
-43600 से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी रात्रिकालीन ड्यूटी भत्ता दिया जाए ।
-रेलवे में निगमीकरण और निर्णय निजीकरण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
-ट्रेनों का संचालन रेल प्रबंधन से ही कराया जाए।
-आउटसोर्स, संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं किसी भी सूरत में समाप्त न की जाएं।
-नान सेफ्टी के 50 फ़ीसदी पदों को सरेंडर न किया जाए।
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