गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का रास्ता साफ होने के बाद इससे जुड़े नफे नुकसान के पहलुओं पर चर्चाएं आम हैं। इस बीच वाणिज्य कर विभाग की कैलकुलेशन के हिसाब से देखें तो जीएसटी यहां के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा। हालांकि अभी टैक्स की दर तय होने का इंतजार है।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर व जीएसटी एक्सपर्ट यशपाल सिंह ने बताया कि जीएसटी उपभोग आधारित टैक्स है। जहां उपभोग होगा, वहां टैक्स मिलेगा।
उन्होंने बताया कि उद्योगों के नजरिए से देखें तो उन्हें पहले कई टैक्स का सामना करना पड़ता था। कच्चा माल खरीदने से लेकर माल सप्लाई करते तक अलग-अलग टैक्स के बजाय अब केवल एक ही टैक्स देना होगा। राजस्व के नजरिए से देखें तो वाणिज्य कर विभाग में इस वक्त करीब 70 हजार करदाता हैं, लिहाजा जीएसटी भरने पर राजस्व में बढ़ोतरी होगी।