अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर दोनों टम्टा आमने-सामने हैं लेकिन न तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और न ही मतदाता उन्हें पूछ रहे हैं।
पढ़ें, यहां पर वोटिंग की कहानी जानकर चौंक जाएंगे आप
यहां तो चुनावी टंटा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच कुर्सी का है।
पढ़ें, उक्रांद को बड़ा झटका, निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे प्रत्याशी
यहां के मतदाता इस उधेड़बुन में हैं कांग्रेस विधायकों से घिरे अपने घर के मुख्यमंत्री हरीश रावत की कुर्सी बचाए रखें या मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाए।
हरीश रावत का गृह जनपद है अल्मोड़ा
अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र न सिर्फ मुख्यमंत्री हरीश रावत का गृह जनपद है बल्कि सुरक्षित सीट होने से पहले हरीश रावत यहां से तीन बार जीते और चार बार हारे हैं।
पढ़ें, यहां पर वोटिंग की कहानी जानकर चौंक जाएंगे आप
कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप टम्टा यहां से वर्तमान सांसद है लेकिन चुनाव में लोग हरीश रावत को ही कांग्रेस उम्मीदवार मानकर चल रहे हैं। क्षेत्र में जगह-जगह लगी कांग्रेस की प्रचार सामग्री में हरीश रावत का फोटो प्रदीप टम्टा से बड़ा दिखता है।
हरीश रावत की सीधी प्रतिष्ठा हरिद्वार सीट के साथ-साथ अल्मोड़ा से भी जुड़ गई है। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री के लगातार दौरों के बाद ही यहां कांग्रेस मजबूत स्थितियों में दिख रही है। जबकि शुरूआती दौर में भाजपा इस सीट पर पूरी तरह कंफर्ट दिख रही थी।
प्रत्याशी पैदल, कार्यकर्ताओं के कंधे पर मोदी
अजय टम्टा भाजपा के विधायक हैं और पार्टी ने एक बार फिर उन्हें प्रदीप टम्टा से भिड़ा दिया है। अजय पिछला चुनाव करीब साढ़े छह हजार वोटों से हारे थे।
पढ़ें, खच्चरों पर लदकर आती है वोट ‘कब्जाने’ वाली मशीन
अजय टम्टा मोदी की गोदी में बैठकर पुरानी कसर पूरी करना चाहते हैं। उन्होंने अपने साथ प्रचार के लिए युवाओं की टीम जोड़ी है लेकिन अजय से कहीं अधिक सब मोदीमय दिखती है।
रानीखेत भाजपा जिला महामंत्री और ग्रामप्रधान एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे दर्शन सिंह बिष्ट कहते हैं मोदी भले ही अभी अल्मोड़ा नहीं आए हैं लेकिन सोशल मीडिया से नवमतदाताओं के बीच हैं।
अपने नहीं मोदी के नाम पर मांग रहे वोट
कुंदन सिंह बताते हैं वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़कर भी पहाड़ के युवा प्रभावित हो रहे हैं। अजय टम्टा कहते हैं कि प्रदीप टम्टा लोगों से पांच साल दूर रहे।
पढ़ें, गजब! हरीश ने लगाया बसपा विधायकों का जयकारा
संसद में उन्हें जिस काम के लिए लोगों ने भेजा था वह भी नहीं किया। चुनाव के बाद वह लोगों का धन्यवाद करने भी नहीं आए।
प्रचार में जुटे अजट टम्टा को भी अपने मतदाताओं से कुमाऊंनी में कहना पड़ रहा है कि मै छूं अजय टम्टा, मोदी कै वोट दिया, कमल कैं वोट दिया।
लोगों का ही काम है कहना
अल्मोड़ा के कयाला गांव के प्रेम चौधरी का कहना है कि मोदी को ही देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए।
कठपुड़िया के प्रकाश तिवारी अपने वर्तमान सांसद से नाराज हैं उनका कहना है कि उन्होंने न तो इलाके के लिए कुछ किया और सांसद बनने पर देश के लिए।
पढ़ें, खच्चरों पर लदकर आती है वोट ‘कब्जाने’ वाली मशीन
रानीखेत काली-दुर्गा मंदिर के नीचे नींबू पानी बेचने वाले दुकानदार यह तो कहते हैं कि वोट जरूर देंगे लेकिन यह बताने में डरते हैं किसे देंगे।
मजखाली के एक्स आर्मी मैन गोपाल सिंह कहते हैं कि अगर यहां से कांग्रेस की सीट निकलेगी तो हरीश रावत की वजह से।
पिलखोली की इंद्रा कहती हैं हमेशा से ही कांग्रेस के लिए वोट करती आई हैं।
रानीखेत के विजय सिंह भी चाहते हैं कि यहां हाथ का पंजा मजबूत हो।