उत्तराखंड के चंपावत जिले में बराती धूम धाम से दुल्हन लिवाने आ रहे थे। लेकिन कुछ ऐसा हो गया कि दूल्हे समेत कई लोगों को जेल की हवा खानी पड़ी।
जिला मुख्यालय से करीब 39 किलोमीटर दूर चल्थी क्षेत्र में एक नाबालिग से विवाह करने की कोशिश में दूल्हे सहित सात लोगों को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा।
पुलिस ने शादी होने से रोक दी, साथ ही वर पक्ष के चार लोग और कन्या पक्ष के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने विवाह की रस्मों को रोक दिया
marriage
नाबालिग को रिश्तेदारों के सुपुर्द किया गया है। पकड़े गए आरोपियों को बृहस्पतिवार को चंपावत में कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि बुधवार को चल्थी क्षेत्र की एक नाबालिग से विवाह करने को बनबसा से बारात आई।
दुल्हन के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने शाम को विवाह की रस्मों को रोक दिया। मौके से दूल्हा प्रकाश सिंह (24) निवासी मीना बाजार बनबसा, दूल्हे के पिता लाल सिंह, विवाह कराने आए पंडित जयदत्त कलौनी निवासी वार्ड नंबर तीन दुधारा चांदनी (नेपाल) एवं एक अन्य व्यक्ति केशव को गिरफ्तार किया।
नाबालिग को छुड़ा कर रिश्तेदारों के सुपुर्द किया
प्रतीकात्मक तस्वीर
नाबालिग का विवाह करा रहे भाई वीरेंद्र सिंह, चचेरे भाई केशव बोहरा और विवाह कराने के लिए आए पंडित रमेश जोशी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
14 साल की नाबालिग को छुड़ा कर रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया गया। विवाह के वक्त बालिका की मां मौजूद नहीं थी।
सभी सातों आरोपियों के खिलाफ चल्थी चौकी में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 3, 9, 10 व 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल्थी चौकी प्रभारी पीआर विश्वकर्मा करेंगे।