संरक्षण एवं अवैध कटान को रोकने के लिए करेंगे काम
डॉ. भार्गव ने बताया कि इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे अवैध कटान में लिप्त लोगाें का सामाजिक बहिष्कार करेंगे। इसके अलावा पारंपरिक प्रथा लौटा नमक और घुमरी घुमाना के माध्यम से भी स्थानीय जन समुदाय को संगठित कर वनों के सतत संरक्षण एवं अवैध कटान को रोकने के लिए काम करेंगे।
नाप खेत की अनुमति पर प्रतिबंध लगाने की मांग
बैठक में ग्रामीणों ने नाप खेत की अनुमति पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इलाके के कतिपय रसूखदार लोग नाप खेत की भूमि पर खड़े पेड़ों को काटने की अनुमति की आड़ में वर्षों से अवैध कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रथा का पूरी तरह समाप्त किए जाने की मांग की।
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मैंने खुद दो दिन कनासर रेंज के कुछ हिस्सों का दौरा किया। ग्रामीणों से बातचीत भी की। प्रभाग की टीम जांच का काम बेहतर ढंग से कर रही है। मैंने कनासर रेंज के 13 नंबर कंपार्टमेंट में खुद निरीक्षण किया। यहां हमें पावर चैन सो (ट्री कटर) से पेड़ काटे जाने के सबूत मिले हैं। एक अन्य फॉरेस्टर की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। इसके अलावा जांच में कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए हैं, उन पर काम किया जा रहा है। शीघ्र ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। - डॉ. विनय भार्गव, वन संरक्षक, यमुना वृत्त, वन विभाग