हरियाली कवर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू किया गया केंद्र सरकार का ग्रीन इंडिया मिशन उत्तराखंड में सूख रहा है।
केंद्र से धनराशि मिले एक साल बीत गया, लेकिन अभी तक प्रदेश में इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे नाराज केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में राज्य को ग्रीन इंडिया मिशन के मद में कोई पैसा नहीं दिया। स्थिति के मद्देनजर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी आठ मार्च को वनाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
ग्रीन इंडिया मिशन शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश को फरवरी, 2016 में 22 करोड़, 22 लाख, 99 हजार रुपये धनराशि स्वीकृत की थी। इसके बाद यह धनराशि जारी भी कर दी गई, लेकिन अभी तक ग्रीन मिशन के नाम पर एक पौधा तक नहीं लग पाया है। स्थिति जस की तस बनी हुई। इस वित्तीय वर्ष में केंद्र ने मिशन के मद में पैसा नहीं दिया। इसके साथ ही मिशन शुरू न हो पानी की वजह भी पूछी है।
जब मिशन स्वीकृत हुआ था तो इसकी बागडोर तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड बीना शेखरी ने अपने हाथ में ली थी। मिशन की कार्ययोजना बनाने के लिए अधिकारियों की बैठकें भर होती रहीं, काम कुछ नहीं हुआ। इसके बाद मिशन की जिम्मेदारी प्रमुख वन संरक्षक (परियोजनाएं) को दे दी गई।
काम शुरू न होने की वजह से राज्य सरकार केंद्र को उपयोगिता प्रमाण पत्र भी नहीं दे पाई। केंद्र की नाराजगी पर मुख्य सचिव ने बैठक बुलाई है। ग्रीन इंडिया मिशन के तहत ग्रीन कवर बढ़ाने समेत कई प्रोजेक्ट शुरू किए जाने हैं।