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Haridwar News: दिसंबर से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से वसूला जाएगा ग्रीन सेस, बाॅर्डर पर लगाए कैमरे

Tue, 18 Nov 2025 11:05 AM IST
रेनू सकलानी शिवा अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

दिसंबर से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जाएगा। फास्टैग से ही ग्रीन सेस कटेगा। पर्याप्त राशि नहीं होने पर चालान होगा।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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उत्तराखंड सरकार आगामी दिसंबर से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस लगाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। चारधाम यात्रा के मुख्य द्वार हरिद्वार में बड़ी संख्या में बाहरी वाहन प्रवेश करते हैं। परिवहन निगम का मानना है कि ग्रीन सेस की वसूली से प्रतिदिन करीब एक लाख वाहनों से राजस्व की आय होगी।

राज्य के अन्य जिलों की तरह हरिद्वार परिवहन निगम भी ग्रीन सेस वसूली के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए बॉर्डर पर कैमरे लगाए गए हैं और ग्रीन सेस का यह शुल्क फास्टैग से ही कटेगा। ऐसे में अब दूसरे राज्य के यात्रियों को टोल टैक्स के साथ ही ग्रीन सेस के लिए भी अपने फास्टैग को रिचार्ज रखना होगा।

हरिद्वार में बहादराबाद टोल टैक्स के आंकड़ों के अनुसार यात्रा सीजन के दौरान रोजाना लगभग 80 हजार से लेकर एक लाख वाहन राज्य में प्रवेश करते हैं। इसमें से चिड़ियापुर बॉर्डर से लगभग 30 हजार वाहन आते हैं। इसके अलावा हर रोज एक लाख से ज्यादा वाहन टोल टैक्स देकर हरिद्वार आते हैं। अब ग्रीन सेस लागू होने पर वाहनों की यही अनुमानित संख्या शुल्क देगी।

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कैमरों को सॉफ्टवेयर से कनेक्ट करने का काम चल रहा
परिवहन विभाग ने हरिद्वार के भगवानपुर, नारसन और चिड़ियापुर बॉर्डर पर ग्रीन सेस वसूलने के लिए ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगा दिए हैं। इन कैमरों के जरिए फास्टैग से ग्रीन सेस अपने आप कट जाएगा। ऐसे में फास्टैग रिचार्ज नहीं कराने पर उन्हें चालान भुगतना पड़ सकता है। परिवहन विभाग की तैयारी दिसंबर से ग्रीन सेस वसूलने की है और वर्तमान में इन कैमरों को सॉफ्टवेयर से कनेक्ट करने का काम चल रहा है।

बाहरी राज्यों से ग्रीन सेस लेने के लिए हरिद्वार के परिवहन विभाग की तैयारी पूरी कर चुका है। उत्तराखंड के सभी प्रवेश द्वार पर एनपीआर कैमरे लगा दिए जा चुके हैं। ग्रीन सेस देने में किसी भी यात्री को कोई असुविधा न हो इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। -निखिल शर्मा, एआरटीओ प्रशासन

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ग्रीन सेस लिस्ट

कार के लिए 80 रुपये

बसों के लिए 140 रुपये

डिलीवरी वैन के लिए 250 रुपये

ट्रकों के लिए उनके आकार के अनुसार 120 से 700 तक का शुल्क निर्धारित किया गया है।


 

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