देहरादून स्मार्ट सिटी लि. की ओर से ग्रीन बिल्डिंग कलेक्ट्रेट में ही बनेगी। इसमें 25 विभाग शिफ्ट होंगे। इस पर इसी महीने टेंडर कराकर जल्द काम शुरू होगा। कंपनी की 24 महीने में ग्रीन बिल्डिंग तैयार करने की योजना है।
राजधानी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हाईटेक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में बनने वाली इस बिल्डिंग में कलेक्ट्रेट के सभी 25 विभाग शिफ्ट किए जाएंगे। यह बिल्डिंग अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होने के साथ ही ईको-फ्रेंडली भी होगी।
इस बिल्डिंग के निर्माण में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें वाहनों की पार्किंग, हाईटेक बॉयोमेट्रिक सिस्टम, सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, सोलर पावर प्रोडक्शन जैसी सुविधाएं भी होंगी। बिल्डिंग को भूकंपरोधी तकनीक से तैयार किया जाएगा।
पहले वर्कशॉप में बननी थी बिल्डिंग
स्मार्ट सिटी के तहत पहले हरिद्वार रोड स्थित रोडवेज वर्कशॉप की जमीन पर इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग बनाई जानी थी लेकिन रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से हाईकोर्ट में जमीन के बदले आईएसबीटी का स्वामित्व तथा 100 करोड़ रुपये की डिमांड को लेकर अपील की गई। जिस कारण हाईकोर्ट ने जमीन ट्रांसफर करने पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। जिसके बाद ग्रीन बिल्डिंग कलेक्ट्रेट परिसर में ही बनाने का निर्णय लिया गया है।
इंटीग्रेटेड बिल्डिंग की खासियत
- भूकंपरोधी तकनीक से युक्त
- बिल्डिंग के बाहर इनफॉरमेशन डिस्प्ले बोर्ड
- ओपन स्पेस
- नेचुरल वेंटिलेशन
- नेचुरल लाइटिंग
- पूरी तरह से सीसीटीवी सर्विलांस
- सोलर एनर्जी कंजप्शन
यह है इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग
ग्रीन बिल्डिंग का मतलब ईको फ्रेंडली बिल्डिंग से है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन ऐसे नॉन-टॉक्सिक और टिकाऊ मैटेरियल से किया जाता है, जिसमें नेचुरल लाइट और वेंटिलेशन की सुविधा हो। पावर कंजप्शन कम से कम हो। वहीं, सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक इस्तेमाल हो। इसके साथ ही चारों ओर हरियाली हो।
डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्रिएट होगा नाम
कलेक्ट्रेट में इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग बनने के बाद उसका नाम बदलकर डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्रिएट यानी जिला सचिवालय रखा जाएगा। इसकी घोषणा पिछले साल मुख्यमंत्रीी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की थी।
इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग अब कलेक्ट्रेट में ही बनाई जाएगी। इसी महीने इसका टेंडर कराया जाएगा, ताकि जल्द इसका काम शुरू हो सके। इस बिल्डिंग में 25 कार्यालय शिफ्ट होने से लोगों को संबंधित विभागों के कार्यों को लेकर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। उनके ज्यादातर कार्य इसी बिल्डिंग में आने से हो जाएंगे।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, सीईओ, देहरादून स्मार्ट सिटी लि.