हालांकि वित्त विभाग ने गत आठ मार्च को इस शर्त के साथ सहमति दे दी थी कि ग्रेच्युटी की सीमा में बढ़ोतरी से होने वाले अतिरिक्त भुगतान का बोझ प्रदेश सरकार नहीं उठाएगी। ये खर्च सार्वजनिक निगमों व उपक्रमों को खुद अपने संसाधनों से उठाना होगा।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। महासंघ के प्रदेश महासचिव सूर्यप्रकाश राणाकोटी ने बताया कि पिछले दिनों महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव से मिला और उनसे राज्य कर्मियों की भांति ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया।
जिसके बाद शासनादेश जारी हुआ। उन्होंने व महासंघ के प्रवीण रावत, रमेश नेगी, रविंद्र सिंह भगत, रविनंदन कुमार, रमेश कुमार, सुदेश शर्मा, रमेश प्रसाद शर्मा समेत कई अन्य कर्मचारी नेताओं ने प्रमुख सचिव का आभार व्यक्त किया।