जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 33 और शहरी क्षेत्रों में शिशु मृत्यु दर का औसत 30 है। पूरे प्रदेश का औसत मृत्यु दर राष्ट्रीय औसतन दर से कम है। वर्तमान में शिशु मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसतन 33 है।
हालांकि शिशु मृत्यु दर को कम करने में केरल देश का सबसे अग्रणी राज्य है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रविंद्र थपलियाल का कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है, जिसकी वजह से शिशु मृत्यु दर के परिणाम अच्छे आए हैं। सरकार की ओर से संस्थागत प्रसव कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। इस वजह से संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी हुई है।
शिशु मृत्यु दर कम होना उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सरकार की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग के सभी चिकित्सकों, कर्मचारियों को भी इस उपलब्धि का श्रेय जाता है। शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
-नितेश कुमार झा, सचिव, स्वास्थ्य विभाग