सेना में बतौर जवान भर्ती होकर फिर अफसर बनने वाले जांबाज सैनिकों के आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) का 102वां बैच शुक्रवार को पास आउट हुआ।
एक साल की प्री-कमीशन मिलिट्री ट्रेनिंग
कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने बैच के 64 कैडेट को ग्रेजूएशन की डिग्री देकर सम्मानित किया। भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के एसीसी से तीन वर्ष की शैक्षणिक ट्रेनिंग के बाद अब यह कैडेट आईएमए में एक साल की प्री-कमीशन मिलिट्री ट्रेनिंग लेंगे। कोर्स में उत्तरप्रदेश के गाजीपुर निवासी आदित्य आदित्य सिंह ओवर आल मेरिट में टापर रहे।
पर्सनल बिलो आफिसर्स रैंक (पीबीओआर) यानि बतौर सैनिक भर्ती होकर सेना के तीनों अंगों थल, वायु व नौसेना को अंतर सर्विस चयन प्रक्रिया और स्टाफ स्लेक्शन बोर्ड में सफल साक्षात्कार के के बाद आर्मी कैडेट कॉलेज में स्नातक की डिग्री करवाई जाती है।
33 आर्टस कैडेट को स्नातक डिग्री
अकादमी के चैटवुड हाल में आयोजित ग्रेजूएशन सेरिमनी में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से 31 विज्ञान और 33 आर्टस कैडेट को स्नातक डिग्री प्रदान की। कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने कहा कि कठिन परिस्थितियों से जूझ कर इन युवाओं ने एसीसी से पास आउट होकर नया मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि एसीसी से पासआउट कैडेट ने सैन्य इतिहास में परंपराओं को निर्वाह करते हुए अदम्य साहस की कई मिसाल बनाई हैं। इससे पूर्व एसीसी की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
कमांडेंट ने कोर्स में अकादमिक, खेल, कैंपस, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को चीफ आफ आर्मी स्टाफ तथा कमाडेंट मेडल से सम्मानित किया। ग्रेजूएशन सेरिमनी में पास आउट हुए कैडेट्स के परिवार के सदस्यों भी शामिल हुए।